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Kullu News: स्कूल टेस्ट, मिड टर्म परीक्षाओं में क्या नजर नहीं आईं खामियां
Mon, 21 Jul 2025 10:10 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 21 Jul 2025 10:10 PM IST
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10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में खराब रिजल्ट देने वाले स्कूलों से अब निदेशालय ने मांगा जवाब
संतोषजनक जवाब न मिलने पर रुक सकती है इंक्रीमेंट, तबादले की भी हो सकती है कार्रवाई
टीजीटी और प्रवक्ताओं को देना होगा नोटिस का जवाब, पहले विभाग ने जारी किया था नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में दसवीं और 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम खराब रहने पर शिक्षा विभाग ने पहले प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे।
अब विषय बार खराब परिणाम रहने पर निदेशालय ने शिक्षकों को नोटिस जारी कर दिए हैं। शिक्षकों को बताना होगा कि उनके विषय में विद्यार्थियों का परिणाम किस वजह से खराब रहा। अब निदेशालय ने टीजीटी और प्रवक्ताओं को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या स्कूल टेस्ट, मिड टर्म परीक्षाओं में ये खामियां नजर आईं या नहीं। इन कमियों को दूर करने के लिए क्या विशेष प्रयास किए गए। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोकने और तबादले करने जैसी कार्रवाई की जाएगी। कुल्लू में चार उच्च और तीन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं जिनका परिणाम शून्य से 25 प्रतिशत के बीच रहा है।
गौर रहे कि दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले स्कूल प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से जवाबतलबी की गई थी। अब संबंधित विषय में बोर्ड से 50 फीसदी कम परिणाम देने वाले टीजीटी और प्रवक्ता से भी कारण पूछे गए हैं। उधर, इस संबंध में उच्च शिक्षा उपनिदेशक देश राज डोगरा ने कहा कि शिक्षा निदेशालय की ओर से विषय बार कम परिणाम आने पर शिक्षकाें को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। शिक्षकों से निदेशालय ने कम परिणाम फीसदी का जवाब मांगा है।
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संतोषजनक जवाब न मिलने पर रुक सकती है इंक्रीमेंट, तबादले की भी हो सकती है कार्रवाई
टीजीटी और प्रवक्ताओं को देना होगा नोटिस का जवाब, पहले विभाग ने जारी किया था नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में दसवीं और 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम खराब रहने पर शिक्षा विभाग ने पहले प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे।
अब विषय बार खराब परिणाम रहने पर निदेशालय ने शिक्षकों को नोटिस जारी कर दिए हैं। शिक्षकों को बताना होगा कि उनके विषय में विद्यार्थियों का परिणाम किस वजह से खराब रहा। अब निदेशालय ने टीजीटी और प्रवक्ताओं को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या स्कूल टेस्ट, मिड टर्म परीक्षाओं में ये खामियां नजर आईं या नहीं। इन कमियों को दूर करने के लिए क्या विशेष प्रयास किए गए। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोकने और तबादले करने जैसी कार्रवाई की जाएगी। कुल्लू में चार उच्च और तीन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं जिनका परिणाम शून्य से 25 प्रतिशत के बीच रहा है।
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गौर रहे कि दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले स्कूल प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से जवाबतलबी की गई थी। अब संबंधित विषय में बोर्ड से 50 फीसदी कम परिणाम देने वाले टीजीटी और प्रवक्ता से भी कारण पूछे गए हैं। उधर, इस संबंध में उच्च शिक्षा उपनिदेशक देश राज डोगरा ने कहा कि शिक्षा निदेशालय की ओर से विषय बार कम परिणाम आने पर शिक्षकाें को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। शिक्षकों से निदेशालय ने कम परिणाम फीसदी का जवाब मांगा है।
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