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भूस्खलन होने से दो दर्ज घरों को खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय के साथ लगती खराहल घाटी के चौकी डोभी और देवधार में फोरलेन कटिंग से दो दर्जन से अधिक मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है। कुल्लू में भारी बारिश के कारण रुक-रुक दोबारा इस क्षेत्र में भूस्खलन हो रहा है। इससे यहां रहने वाले परिवारों की नींद उड़ गई है। शनि मंदिर (टापू) से देवधार के लिए जाने वाला रास्ता भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। रामशिला से शनि मंदिर तक क्षेत्र में रुक-रुक कर भूस्खलन हो रहा है।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत नेऊली के पदाधिकारियों ने प्रस्ताव पारित कर शनि मंदिर से देवधार के लिए रास्ते को दोबारा बनाने की मांग की है। पक्के रास्ते का निर्माण होने से भूस्खलन का खतरा कम हो जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने एसडीएम कुल्लू को मांग पत्र भी सौंपा है। इसमें एनएचएआई से रास्ते का निर्माण करने की मांग की गई है। ग्रामीण मोहित कात्यान, विजेंद्र पाल शर्मा ने कहा कि पानी के रिसाव से भूस्खलन अधिक होने से करीब दो दर्जन से अधिक घरों पर खतरा बना हुआ है। पहले ही देवधार गांव के आधा दर्जन से अधिक मकान तबाह हो चुके हैं। पंचायत प्रधान ओम प्रकाश और बीडीसी विशाल महंत ने कहा कि जिला प्रशासन से एनएचएआई को भूस्खलन के खतरे को कम करने के लिए रास्ते का निर्माण करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
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कुल्लू। जिला मुख्यालय के साथ लगती खराहल घाटी के चौकी डोभी और देवधार में फोरलेन कटिंग से दो दर्जन से अधिक मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है। कुल्लू में भारी बारिश के कारण रुक-रुक दोबारा इस क्षेत्र में भूस्खलन हो रहा है। इससे यहां रहने वाले परिवारों की नींद उड़ गई है। शनि मंदिर (टापू) से देवधार के लिए जाने वाला रास्ता भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। रामशिला से शनि मंदिर तक क्षेत्र में रुक-रुक कर भूस्खलन हो रहा है।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत नेऊली के पदाधिकारियों ने प्रस्ताव पारित कर शनि मंदिर से देवधार के लिए रास्ते को दोबारा बनाने की मांग की है। पक्के रास्ते का निर्माण होने से भूस्खलन का खतरा कम हो जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने एसडीएम कुल्लू को मांग पत्र भी सौंपा है। इसमें एनएचएआई से रास्ते का निर्माण करने की मांग की गई है। ग्रामीण मोहित कात्यान, विजेंद्र पाल शर्मा ने कहा कि पानी के रिसाव से भूस्खलन अधिक होने से करीब दो दर्जन से अधिक घरों पर खतरा बना हुआ है। पहले ही देवधार गांव के आधा दर्जन से अधिक मकान तबाह हो चुके हैं। पंचायत प्रधान ओम प्रकाश और बीडीसी विशाल महंत ने कहा कि जिला प्रशासन से एनएचएआई को भूस्खलन के खतरे को कम करने के लिए रास्ते का निर्माण करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
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