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Kullu News: यात्रा को यादगार बनाने के लिए आएं, नदी-किनारे न जाएं सैलानी
Fri, 23 May 2025 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 23 May 2025 10:52 PM IST
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कुल्लू में ब्यास नदी में सेल्फी और फोटोग्राफी के लिए उतरे पर्यटक।-संवाद
पानी के बीच मस्ती, फोटो और सेल्फी लेने के चक्कर में हो रहे हादसों का शिकार
चेतावनी बोर्ड को दरकिनार कर ब्यास, पार्वती और चंद्रा नदी में उतर रहे पर्यटक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी हिमाचल आएं, जमकर मस्ती करें, लेकिन नदी के किनारे बिलकुल भी न जाएं। फोटो और सेल्फी लेने के चक्कर में कई पर्यटक हादसों का शिकार हो चुके हैं।
पानी की लहरों के बीच मस्ती करने का शौक सैलानियों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। हिमाचल की वादियों में आएं, खूब मस्ती कर अपने इस सैर-सपाटे को यादगार बनाएं, लेकिन प्रशासन के निर्देशों का पालन का नदी-नालों के पास न जाएं। प्रशासन भी समय-समय पर सैलानियों को नदी-नालों से दूर रहने की अपील करता रहता है। बाकायदा, इसके लिए सूचना पट्ट भी लगाए गए हैं। पुलिस कर्मचारी भी सैलानियों को पानी में उतरने से रोकते हैं, लेकिन फिर भी कई जगह पर्यटकों की लापरवाही जान पर भारी पड़ जाती है। बता दें कि गर्मी बढ़ने के साथ ही हिमाचल के नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ जाता है। ऐसे में सैलानी पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं।
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कई जगह चेतावनी बोर्ड गायब, चोर रास्ते भी बंद नहीं
कुल्लू जिले की ब्यास नदी के साथ पार्वती और लाहौल की चंद्रानदी में पर्यटकों के साथ हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके सैलानी कहीं ने कहीं से नदी के बीच पहुंच रहे हैं। तीनों नदियों में कई जगह प्रशासन ने भी न चेतावनी बोर्ड लगाए हैं और न ऐसे रास्तों को बंद किया है, जिनसे पर्यटक नदियों तक पहुंच रहे हैं। बीते वीरवार को मणिकर्ण के कसाेल में बहा उत्तर प्रदेश निवासी पर्यटक भी पार्वती नदी में उतरा था। पुलिस की टीम ने कसोल में ही नदी में उतरे कुछ सैलानियों को भी बाहर निकाला था। अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू अश्वनी कुमार ने पर्यटकों को नदी-नालों में न उतरने की हिदायत दी है। कहा कि सैलानी कुल्लू व लाहौल की वादियों का आनंद उठाएं और नदी-नालों के पास न जाएं।
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ग्लेशियर पिघलने से बढ़ रहा जिले के नदी-नालों का जलस्तर
देश के मैदानी इलाकों में पड़ने वाली भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी कुल्लू-मनाली और लाहौल की ठंडी वादियों में पहुंचते हैं। भुंतर, रामशिला, बाशिंग, पतलीकूहल, मनाली, कसोल और लाहौल की चंद्रा नदी में अटल टनल के नॉर्थ पेार्टल, सिस्सू, कोकसर व तांदी में पर्यटक नदी में उतर रहे हैं। गर्मियों में ग्लेशियर पिघलने से ब्यास के साथ अन्य नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे सैलानी मुश्किल में फंस सकते हैं, क्योंकि वे फोटोग्राफी, सेल्फी और पानी के बीच मस्ती करने के लिए नदियों के बीच उतर जाते हैं।
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पिछले साल सिस्सू में बह गए थे झारखंड के दो पर्यटक
पिछले माह सात अप्रैल को लाहौल के सिस्सू में भी नदी के किनारे गए झारखंड के दो पर्यटकों की मौत हो गई थी। अब 22 मई को कसोल में डैम का पानी छोड़ने से बढ़े नदी के जलस्तर से प्रशांत चौरसिया 35 सी/ओ शकुंतला देवी एन-8/179 यूए-2 कैलाशपुरी कॉलोनी वाराणसी डाकघर सुंदरपुर जिला वाराणसी उत्तर प्रदेश की बहने से मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति के भी बहने की सूचना है। शुक्रवार को मणिकर्ण पुलिस व स्थानीय रेस्क्यू टीमों ने सुबह से तलाशी अभियान चलाया, मगर कोई सुराग नहीं लगा है।
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चेतावनी बोर्ड को दरकिनार कर ब्यास, पार्वती और चंद्रा नदी में उतर रहे पर्यटक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी हिमाचल आएं, जमकर मस्ती करें, लेकिन नदी के किनारे बिलकुल भी न जाएं। फोटो और सेल्फी लेने के चक्कर में कई पर्यटक हादसों का शिकार हो चुके हैं।
पानी की लहरों के बीच मस्ती करने का शौक सैलानियों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। हिमाचल की वादियों में आएं, खूब मस्ती कर अपने इस सैर-सपाटे को यादगार बनाएं, लेकिन प्रशासन के निर्देशों का पालन का नदी-नालों के पास न जाएं। प्रशासन भी समय-समय पर सैलानियों को नदी-नालों से दूर रहने की अपील करता रहता है। बाकायदा, इसके लिए सूचना पट्ट भी लगाए गए हैं। पुलिस कर्मचारी भी सैलानियों को पानी में उतरने से रोकते हैं, लेकिन फिर भी कई जगह पर्यटकों की लापरवाही जान पर भारी पड़ जाती है। बता दें कि गर्मी बढ़ने के साथ ही हिमाचल के नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ जाता है। ऐसे में सैलानी पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं।
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कई जगह चेतावनी बोर्ड गायब, चोर रास्ते भी बंद नहीं
कुल्लू जिले की ब्यास नदी के साथ पार्वती और लाहौल की चंद्रानदी में पर्यटकों के साथ हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके सैलानी कहीं ने कहीं से नदी के बीच पहुंच रहे हैं। तीनों नदियों में कई जगह प्रशासन ने भी न चेतावनी बोर्ड लगाए हैं और न ऐसे रास्तों को बंद किया है, जिनसे पर्यटक नदियों तक पहुंच रहे हैं। बीते वीरवार को मणिकर्ण के कसाेल में बहा उत्तर प्रदेश निवासी पर्यटक भी पार्वती नदी में उतरा था। पुलिस की टीम ने कसोल में ही नदी में उतरे कुछ सैलानियों को भी बाहर निकाला था। अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू अश्वनी कुमार ने पर्यटकों को नदी-नालों में न उतरने की हिदायत दी है। कहा कि सैलानी कुल्लू व लाहौल की वादियों का आनंद उठाएं और नदी-नालों के पास न जाएं।
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ग्लेशियर पिघलने से बढ़ रहा जिले के नदी-नालों का जलस्तर
देश के मैदानी इलाकों में पड़ने वाली भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी कुल्लू-मनाली और लाहौल की ठंडी वादियों में पहुंचते हैं। भुंतर, रामशिला, बाशिंग, पतलीकूहल, मनाली, कसोल और लाहौल की चंद्रा नदी में अटल टनल के नॉर्थ पेार्टल, सिस्सू, कोकसर व तांदी में पर्यटक नदी में उतर रहे हैं। गर्मियों में ग्लेशियर पिघलने से ब्यास के साथ अन्य नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे सैलानी मुश्किल में फंस सकते हैं, क्योंकि वे फोटोग्राफी, सेल्फी और पानी के बीच मस्ती करने के लिए नदियों के बीच उतर जाते हैं।
पिछले साल सिस्सू में बह गए थे झारखंड के दो पर्यटक
पिछले माह सात अप्रैल को लाहौल के सिस्सू में भी नदी के किनारे गए झारखंड के दो पर्यटकों की मौत हो गई थी। अब 22 मई को कसोल में डैम का पानी छोड़ने से बढ़े नदी के जलस्तर से प्रशांत चौरसिया 35 सी/ओ शकुंतला देवी एन-8/179 यूए-2 कैलाशपुरी कॉलोनी वाराणसी डाकघर सुंदरपुर जिला वाराणसी उत्तर प्रदेश की बहने से मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति के भी बहने की सूचना है। शुक्रवार को मणिकर्ण पुलिस व स्थानीय रेस्क्यू टीमों ने सुबह से तलाशी अभियान चलाया, मगर कोई सुराग नहीं लगा है।