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गांव, खेत-बगीचों से जोड़ना होगा पर्यटन : नकुल खुल्लर
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पतलीकूहल (कुल्लू)। प्रदेश में पर्यटन को नई दिशा देने के लिए इसे गांवों, कृषि-बागवानी और स्थानीय जीवन से जोड़ना होगा। ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे और एग्री-टूरिज्म को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं, किसानों और बागवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। यह बात बड़ागढ़ रिजॉर्ट के निदेशक एवं प्रसिद्ध बागवान नकुल खुल्लर ने रविवार को विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित मनाली एक्सपो के समापन समारोह में कही।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नकुल खुल्लर का जिला पर्यटन अधिकारी रोहित शर्मा तथा आयोजकों असीम गोरसी, कमल शर्मा, सचिन और स्मृति शर्मा ने हिमाचली परंपरा के अनुसार स्वागत किया। नकुल खुल्लर ने कहा कि हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता के साथ यहां की संस्कृति, लोक परंपराएं और स्थानीय उत्पाद भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। पर्यटन प्रदेश और कुल्लू की अर्थव्यवस्था के साथ रोजगार का भी महत्वपूर्ण आधार है। ग्रामीण, धार्मिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खोले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन को केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीमित रखने के बजाय पर्यटकों को गांवों, खेतों-बगीचों और स्थानीय जीवन से जोड़ने की जरूरत है। इससे किसानों और बागवानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नकुल खुल्लर का जिला पर्यटन अधिकारी रोहित शर्मा तथा आयोजकों असीम गोरसी, कमल शर्मा, सचिन और स्मृति शर्मा ने हिमाचली परंपरा के अनुसार स्वागत किया। नकुल खुल्लर ने कहा कि हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता के साथ यहां की संस्कृति, लोक परंपराएं और स्थानीय उत्पाद भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। पर्यटन प्रदेश और कुल्लू की अर्थव्यवस्था के साथ रोजगार का भी महत्वपूर्ण आधार है। ग्रामीण, धार्मिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खोले जा सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि पर्यटन को केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीमित रखने के बजाय पर्यटकों को गांवों, खेतों-बगीचों और स्थानीय जीवन से जोड़ने की जरूरत है। इससे किसानों और बागवानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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