फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Thirsty fields are waiting for rain, 60% of wheat, barley and peas have not been sown.

Kullu News: प्यासे खेतों को बारिश की आस, नहीं हुई 60 फीसदी गेहूं, जौ व मटर की बिजाई

Fri, 19 Dec 2025 06:39 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Fri, 19 Dec 2025 06:39 AM IST
विज्ञापन
Thirsty fields are waiting for rain, 60% of wheat, barley and peas have not been sown.
बारिश न होने से खेतोंं में सूखे जैसे हालत बन गए है। संवाद
कुल्लू। सूखे खेतों को ढाई माह से बारिश की आस है। दिसंबर माह में तीन बार बारिश होने की संभावना बनी लेकिन बादल छंटने से बारिश की एक बूंद भी नहीं बरसी। अब हालत ऐसे हो गए कि सूखे खेतों में बिजाई करना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन

जिले में भी सूखे जैसे हालत से 60 फीसदी रबी सीजन की बिजाई नहीं हो पाई है। गेहूं, जौ, मटर की बिजाई का समय भी निकलता जा रहा है। दिसंबर माह का तीसरा सप्ताह शुरू हो गया है। ऐसे में आनी-निरमंड से लेकर बंजार, सैंज, मणिकर्ण, तीर्थन, कुल्लू, भुंतर, गड़सा, लगवैली, खराहल व ऊझी घाटी के खेत खलिहानों में सन्नाटा पसरा है। जिन क्षेत्रों में बिजाई की है, वहां भी अब फसल ग्रोथ नहीं कर पा रही और पीली पड़ना शुरू हो गई है।
विज्ञापन

कृषि-बाागवानी को होने वाले नुकसान को देखते हुए लोग बारिश के लिए अपने कुलज देवी-देवताओं के पास भी गए लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली है।
जिले में करीब 14,000 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं, 1600 हेक्टेयर में जौ, 1500 हेक्टेयर में मटर और 1500 हेक्टेयर में लहसुन की पैदावार होती है।
किसान मंगत राम, बेली राम, दलीप सिंह, कष्ण लाल, लाल चंद ठाकुर, लीला प्रसाद, ओम प्रकाश व मोहर सिंह ने कहा कि खेतों में नमी न होने से बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। अब तो बिजाई का समय भी निकलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को बरसात ने झटका दिया और अब सूखे जैसे हालत बनने से रबी सीजन की फसल पर संकट छा गया है। कृषि उपनिदेशक कुल्लू रितु गुप्ता ने कहा कि रबी की फसल के लिए बारिश की सख्त जरूरत है। अगर बारिश नहीं होती है तो उत्पादन पर असर पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आपदा में तहस-नहस हुई सिंचाई कूहलों की नहीं हुई मरम्मत
आपदा के दौरान जिले में 2023 से लेकर अब तक दर्जनों सिंचाई कूहलों की हालत दयनीय बनी है। आपदा में 100 से अधिक सिंचाई कूहलों को नुकसान पहुंचा और अधिकतर बंद पड़ी है। जिस कारण किसान अपने सूखे खेतों में सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं।

सूखे जैसे बने हालत से किसान रबी की फसल को लेकर चिंता में है। बिजाई का समय निकल रहा और बारिश नहीं हो रही है। लोगों ने विभाग से बीज लेकर रखा है लेकिन बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। खरीफ की फसल के बाद अब रबी पर संकट मंडराने लगा है।

-लाल चंद ठाकुर, किसान

खेत खलिहानों में नमी नहीं होने से जो बिजी हुई फसल है, वह भी पीली पड़ रही है। किसानों के पास सिंचाई के लिए कोई विकल्प नहीं है। जिला कुल्लू की अधिकतर खेती बारिश पर निर्भर है। ढाई माह से बादल बरस नहीं रहे हैं। वीरवार को भी आसमान में बादल छाए रहे लेकिन दोपहर बाद वह भी छंट गए।
-लीला प्रसाद, किसान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed