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Kullu News: निजी स्कूलों की बसों में नहीं परिचालक, नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़

Fri, 29 Mar 2024 11:30 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2024 11:30 PM IST
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There are no conductors in private school buses, playing with the lives of children.
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निजी स्कूलों की बसों में नहीं परिचालक
नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़
नियमों को ठेंगा दिखा रहे निजी स्कूल प्रबंधन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में 100 से अधिक निजी विद्यालय चल रहे हैं। विद्यार्थियों को विद्यालय तक लाने और घर ले जाने के लिए बसों और छोटे वाहनों की व्यवस्था भी की गई है, लेकिन अधिकतर वाहनों में महिला या पुरुष परिचालक ही नहीं हैं। बसें और अन्य स्कूल वाहन महज एक चालक के सहारे चल रहे हैं, जबकि बस में 30 से 45 और अन्य छोटे वाहन में दस से 15 विद्यार्थी रोजाना सुबह-शाम सफर करते हैं। इनमें परिचालक न होने से विद्यार्थियों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। निजी स्कूल प्रबंधन सुरक्षा नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं।
गौरतलब है कि स्कूल के वाहनों (विद्यार्थियों के लिए) में महिला या पुरुष परिचालक का होना अनिवार्य किया गया है। ऐसा इसलिए कि विद्यार्थियों खासकर छोटे बच्चों को सड़क पार करने में परेशानी न आए और वे सड़क हादसे का शिकार न हो। स्कूल वाहनों में परिचालक का कार्य बच्चों को सुरक्षित उतारने-चढ़ाने के अलावा उन्हें सड़क पार करवाना है, लेकिन कुल्लू में नियमों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों के सड़क हादसों का शिकार होने का खतरा बना रहता है। वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से भी इस दिशा में कोई पहल होती नहीं दिख रही है। निजी स्कूल प्रबंधनों की मनमानी जारी है, जो विद्यार्थियों की जान पर भारी पड़ सकती है। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरजीत सिंह राव ने कहा कि स्कूल प्रबंधन को निर्देश जारी किए गए हैं। नौनिहालों और
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छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए एक महिला परिचालक स्कूल वाहन में होना सुनिश्चित करें। चालक लाइसेंस धारक हो और वर्दी में रहना चाहिए। कहा कि स्कूल वाहनों का औचक निरीक्षण किया जाता है और आगामी शैक्षणिक सत्र में भी जारी रहेगा। खामियां मिलने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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