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Kullu News: बंद होंगे रास्ते, अब सेल्फी लेने ब्यास में नहीं उतर पाएंगे सैलानी
Mon, 21 Apr 2025 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 21 Apr 2025 10:47 PM IST
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निजी भूमि मालिक भी नहीं जाने देंगे नदी के तट पर, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए उठाया कदम
प्रशासन ने एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और वन विभाग को दिए रास्ते बंद करने के आदेश
जान जोखिम में डालकर ब्यास नदी में उतरने वाले पर्यटकों को लेकर गंभीर हुआ प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। जान की परवाह किए बिना ब्यास नदी में उतरकर सेल्फी लेने, फोटोग्राफी और वीडियो बनाने वाले सैलानियों को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया है।
प्रशासन ने ब्यास नदी की ओर जाने वाले रास्तों को बंद करने का फैसला लिया है। इसके लिए एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और वन विभाग को आदेश जारी कर दिए गए हैं। निजी भूमि के मालिकों को भी कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि पर्यटक उनकी भूमि से होकर ब्यास नदी के तट पर न जाएं। ऐसे में सेल्फी लेने के लिए सैलानी नदी में नहीं उतर पाएंगे।
दरअसल, पर्यटन सीजन शुरू होते ही मनाली की वादियों में सैलानियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। अकसर मौज-मस्ती करते हुए पर्यटक ब्यास नदी के तट पर पहुंच जाते हैं। कई बार सैलानी सेल्फी लेने, फोटो खींचने और वीडियो बनाने के चक्कर में फिसलकर नदी में गिर जाते हैं या फंस जाते हैं। ऐसे हादसों में कई पर्यटकों को जान से भी हाथ धोना पड़ा है।
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बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चे तक पहुंच रहे नदी के तट पर
जिला प्रशासन ने नदी-नालों की ओर न जाने को लेकर कई जगह सूचना बोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन जान की परवाह किए बिना कई पर्यटक नदी के तट पर सेल्फी लेने और मौज-मस्ती करने पहुंच रहे हैं। पानी में उतरने वालों में बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चे शामिल हैं। ऐसे में कोई हादसा न हो, इसको लेकर अब प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। हाल ही में पर्यटन सीजन की तैयारियों की समीक्षा को लेकर बैठक में इस मामले पर गंभीरता के साथ मंथन किया है।
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पांच साल में जान गंवा चुके हैं दस से अधिक सैलानी
कुल्लू जिले में पिछले पांच साल में 10 से अधिक पर्यटकों की मौत हो चुकी है। ये पर्यटक नदी-नालों के पास सेल्फी लेने या पत्थर पर फिसलने से पार्वती और ब्यास सहित अन्य नालों में डूब चुके हैं। करीब एक दशक पहले थलौट में हैदराबाद के 24 छात्रों के ब्यास में बह जाने की घटना आज भी लोगों के जेहन में है। पिछले साल मनाली में भी एक महिला पर्यटक की जान गई। इसके अलावा कई बार पर्यटकों को रेस्क्यू कर बचाया भी गया है।
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पर्यटकों के साथ नदी-नालों में उतरने से किसी तरह के हादसे न हों, इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। जगह-जगह साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं। वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई को नदी की ओर जाने वाले रास्तों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
- रमण कुमार शर्मा, एसडीएम मनाली
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प्रशासन ने एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और वन विभाग को दिए रास्ते बंद करने के आदेश
जान जोखिम में डालकर ब्यास नदी में उतरने वाले पर्यटकों को लेकर गंभीर हुआ प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। जान की परवाह किए बिना ब्यास नदी में उतरकर सेल्फी लेने, फोटोग्राफी और वीडियो बनाने वाले सैलानियों को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया है।
प्रशासन ने ब्यास नदी की ओर जाने वाले रास्तों को बंद करने का फैसला लिया है। इसके लिए एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और वन विभाग को आदेश जारी कर दिए गए हैं। निजी भूमि के मालिकों को भी कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि पर्यटक उनकी भूमि से होकर ब्यास नदी के तट पर न जाएं। ऐसे में सेल्फी लेने के लिए सैलानी नदी में नहीं उतर पाएंगे।
दरअसल, पर्यटन सीजन शुरू होते ही मनाली की वादियों में सैलानियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। अकसर मौज-मस्ती करते हुए पर्यटक ब्यास नदी के तट पर पहुंच जाते हैं। कई बार सैलानी सेल्फी लेने, फोटो खींचने और वीडियो बनाने के चक्कर में फिसलकर नदी में गिर जाते हैं या फंस जाते हैं। ऐसे हादसों में कई पर्यटकों को जान से भी हाथ धोना पड़ा है।
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बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चे तक पहुंच रहे नदी के तट पर
जिला प्रशासन ने नदी-नालों की ओर न जाने को लेकर कई जगह सूचना बोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन जान की परवाह किए बिना कई पर्यटक नदी के तट पर सेल्फी लेने और मौज-मस्ती करने पहुंच रहे हैं। पानी में उतरने वालों में बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चे शामिल हैं। ऐसे में कोई हादसा न हो, इसको लेकर अब प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। हाल ही में पर्यटन सीजन की तैयारियों की समीक्षा को लेकर बैठक में इस मामले पर गंभीरता के साथ मंथन किया है।
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पांच साल में जान गंवा चुके हैं दस से अधिक सैलानी
कुल्लू जिले में पिछले पांच साल में 10 से अधिक पर्यटकों की मौत हो चुकी है। ये पर्यटक नदी-नालों के पास सेल्फी लेने या पत्थर पर फिसलने से पार्वती और ब्यास सहित अन्य नालों में डूब चुके हैं। करीब एक दशक पहले थलौट में हैदराबाद के 24 छात्रों के ब्यास में बह जाने की घटना आज भी लोगों के जेहन में है। पिछले साल मनाली में भी एक महिला पर्यटक की जान गई। इसके अलावा कई बार पर्यटकों को रेस्क्यू कर बचाया भी गया है।
पर्यटकों के साथ नदी-नालों में उतरने से किसी तरह के हादसे न हों, इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। जगह-जगह साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं। वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई को नदी की ओर जाने वाले रास्तों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
- रमण कुमार शर्मा, एसडीएम मनाली