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Kullu News: रोमांच के साथ गर्मी से राहत दिला रहा ब्यास का ठंडा जल
Mon, 09 Jun 2025 10:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 09 Jun 2025 10:49 PM IST
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कुल्लू में ब्यास नदी की लहरों में सात सौ राफ्ट से पर्यटक को रिवर राफ्टिंग करवाकर कमा रहे अजीव
रिवर राफ्टिंग का आनंद ले रहे सैलानी, रोजाना ब्यास में उतर रहीं 700 राफ्टें
पर्यटन सीजन के रफ्तार पकड़ते ही बढ़ा साहसिक गतिविधियों का कारोबार
रिवर राफ्टिंग के लिए बबेली, बाशिंग और पिरड़ी में लग रहा सैलानियों का मेला
बलदेव राज
कुल्लू। ब्यास नदी की की धारा पर राफ्टिंग का रोमांच सैलानियों की देवभूमि कुल्लू की यात्रा को यादगार बना रहा है। घाटी की शांत वादियों में ठंडी हवाओं के झोंके भीषण गर्मी से राहत दिला रहे हैं।
वहीं, मेहमान ब्यास नदी के ठंडे जल में राफ्टिंग करने का भी जमकर आनंद ले रहे हैं। इन दिनों कुल्लू-मनाली की वादियों में सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। पर्यटक साहसिक खेलों का मजा लेना नहीं भूल रहे हैं। रायसन से झीड़ी तक ब्यास नदी में करीब 700 राफ्टें हर दिन उतर रही हैं।
जिले में इन दिनों पर्यटन सीजन पीक पर है। ऐसे में ब्यास नदी में सैलानी रायसन से झीड़ी तक राफ्टिंग करते देखे जा सकते हैं। स्टार्ट पॉइंट रायसन, बबेली और पिरड़ी में तो पर्यटकों का मेला लग रहा है। दिनभर सैलानियों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। राफ्टिंग करने के बाद सैलानी ठंडे पानी के बीच मस्ती भी कर रहे हैं। राफ्टिंग के लिए भी कुछ सैलानियों ने एडवांस बुकिंग करवाई है। कुछ पर्यटक काउंटर पर आकर बुकिंग करवा रहे हैं। गर्मियों के मौसम में ब्यास नदी की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच पर्यटकों के लिए अलग अनुभव होता है। जून महीने में बारिश का असर कुल्लू में कम रहता है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में रिवर राफ्टिंग के कारोबार में और तेजी आएगी।
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सभी सदस्य ब्यास नदी में सुरक्षित रिवर राफ्टिंग करवाते हैं। राफ्टिंग का सीजन इन दिनों पीक पर है। प्रतिदिन करीब 700 राफ्टें ब्यास नदी में उतर रही हैं। इससे कारोबार को भी गति मिल रही है। - हुक्म राम, अध्यक्ष, कुल्लू-मनाली रिवर राफ्टिंग संगठन
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रिवर राफ्टिंग से जुड़ा सैकड़ों युवाओं को रोजगार
जिले में रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधि से करीब 10,000 युवाओं का रोजगार जुड़ा है। कुछ युवा सीधे तौर पर रिवर राफ्टिंग करवाकर स्वरोजगार कमा रहे हैं। राफ्टिंग से टैैक्सी, टेंपो ट्रैैवलर सहित अन्य लोग भी जुड़े होते हैं।
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पर्यटन सीजन के रफ्तार पकड़ते ही बढ़ा साहसिक गतिविधियों का कारोबार
रिवर राफ्टिंग के लिए बबेली, बाशिंग और पिरड़ी में लग रहा सैलानियों का मेला
बलदेव राज
कुल्लू। ब्यास नदी की की धारा पर राफ्टिंग का रोमांच सैलानियों की देवभूमि कुल्लू की यात्रा को यादगार बना रहा है। घाटी की शांत वादियों में ठंडी हवाओं के झोंके भीषण गर्मी से राहत दिला रहे हैं।
वहीं, मेहमान ब्यास नदी के ठंडे जल में राफ्टिंग करने का भी जमकर आनंद ले रहे हैं। इन दिनों कुल्लू-मनाली की वादियों में सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। पर्यटक साहसिक खेलों का मजा लेना नहीं भूल रहे हैं। रायसन से झीड़ी तक ब्यास नदी में करीब 700 राफ्टें हर दिन उतर रही हैं।
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जिले में इन दिनों पर्यटन सीजन पीक पर है। ऐसे में ब्यास नदी में सैलानी रायसन से झीड़ी तक राफ्टिंग करते देखे जा सकते हैं। स्टार्ट पॉइंट रायसन, बबेली और पिरड़ी में तो पर्यटकों का मेला लग रहा है। दिनभर सैलानियों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। राफ्टिंग करने के बाद सैलानी ठंडे पानी के बीच मस्ती भी कर रहे हैं। राफ्टिंग के लिए भी कुछ सैलानियों ने एडवांस बुकिंग करवाई है। कुछ पर्यटक काउंटर पर आकर बुकिंग करवा रहे हैं। गर्मियों के मौसम में ब्यास नदी की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच पर्यटकों के लिए अलग अनुभव होता है। जून महीने में बारिश का असर कुल्लू में कम रहता है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में रिवर राफ्टिंग के कारोबार में और तेजी आएगी।
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सभी सदस्य ब्यास नदी में सुरक्षित रिवर राफ्टिंग करवाते हैं। राफ्टिंग का सीजन इन दिनों पीक पर है। प्रतिदिन करीब 700 राफ्टें ब्यास नदी में उतर रही हैं। इससे कारोबार को भी गति मिल रही है। - हुक्म राम, अध्यक्ष, कुल्लू-मनाली रिवर राफ्टिंग संगठन
रिवर राफ्टिंग से जुड़ा सैकड़ों युवाओं को रोजगार
जिले में रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधि से करीब 10,000 युवाओं का रोजगार जुड़ा है। कुछ युवा सीधे तौर पर रिवर राफ्टिंग करवाकर स्वरोजगार कमा रहे हैं। राफ्टिंग से टैैक्सी, टेंपो ट्रैैवलर सहित अन्य लोग भी जुड़े होते हैं।