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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   The bridge was washed away by the flood... water is touching the culvert, children will not be sent to school via ropeway

Kullu News: बाढ़ से पुल बह गया... पुलिया को छू रहा पानी, रज्जूमार्ग से स्कूल नहीं भेजेंगे बच्चे

Fri, 30 May 2025 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Fri, 30 May 2025 10:39 PM IST
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The bridge was washed away by the flood... water is touching the culvert, children will not be sent to school via ropeway
बलाधी गांव के लोग बोले - पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने से हो सकता है बच्चों के साथ हादसा
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एलान... जब तक नदी को आर-पार करने व्यवस्था नहीं होगी, तब 28 बच्चों को नहीं भेजेंगे स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। ... पहले पुल को बाढ़ बहाकर ले गई, अब रज्जू मार्ग से बच्चों को भेजना खतरे से खाली नहीं है। जलस्तर बढ़ने के बाद पार्वती नदी का पानी भी लकड़ी के पुल को छूने लगा है। ऐसे में स्कूली विद्यार्थी हादसे का शिकार हो सकते हैं।
इन सब दिक्कतों को देखते हुए अभिभावकों ने बलाधी गांव के बच्चों को मणिकर्ण घाटी के जरी स्कूल में पढ़ाई करने के लिए भेजने से मना कर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए यह निर्णय लिया गया है। गांव के 28 बच्चे जरी स्कूल में पढ़ाई करते हैं।
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उन्होंने बताया कि बलाधी गांव के बच्चों को पार्वती नदी को पार कर स्कूल पहुंचना पड़ता है। एक साल पहले नदी पर बना पुल बाढ़ में बह गया है। उसके बाद वैकल्पिक तौर पर एक रज्जू मार्ग लगाया है, लेकिन इससे बच्चों का आर-पार होना मुश्किल है। एक साल बाद भी यहां पुल नहीं बना। इस पर ग्रामीणों ने अपने स्तर पर लकड़ी की छोटी पुलिया बनाई, लेकिन अब नदी का जलस्तर बढ़ने से यह भी बहने की कगार पर है। मजबूरन, ग्रामीणों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का फैसला लिया है। उन्होंने एलान किया है कि जब तक पुल नहीं बनाया जाता, तब तक वे बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
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ग्रामीणों ने कहा कि वे अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं। स्कूल में पढ़ाई का माहौल बनने लगा है, लेकिन उन्हें अपने बच्चों को घर पर ही रखने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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लचर व्यवस्था का शिकार हो रहा गांव
थान देवता महिला मंडल बलाधी की प्रधान गुमती देवी, सचिव बीना देवी सहित बाढ़ प्रभावित संगठनों के लोगों का कहना है कि उनका गांव लचर व्यवस्था का शिकार हो रहा है और हमारे गांव के 28 बच्चों को इसका खमियाजा भुगतना पड़ रहा है। अभी से नदी में पानी बढ़ना शुरू हो गया है। ग्रामीणों की ओर से बनाई लकड़ी की पुलिया के दोनों ओर पानी आ रहा है। बच्चों के साथ अप्रिय घटना न हो, इसके लिए अब उन्हें घर पर ही रखने का निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में नदी में और उफान आएगा। इससे यह पुलिया भी बह सकती है। जब तक नदी पर पुल नहीं बन जाता, तब तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले में उचित कदम उठाए जाएं।

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ग्रामीणों की समस्या को हल करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को मौके पर स्थिति का जायजा लेने को कहा जाएगा, जिससे लोगों की समस्या को हल करने के लिए प्रयास किए जा सकें।
- तोरुल एस रवीश, उपायुक्त
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