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Kullu News: मॉकड्रिल में जांचा, आपदा में कैसे करें मदद
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कुल्लू के धारा सोरनी में भूकंप के समय बचाव कार्य पर मॉक ड्रिल करते छात्र।-संवाद
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कुल्लू। जिले में शुक्रवार को बरसात और आपदा की तैयारी के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें दिखाया गया कि पार्वती घाटी की मानतलाई झील के पीछे ग्लेशियर टूटने से पार्वती घाटी में खीरगंगा से लेकर जिया और भुंतर तक अफरा तफरी मच गई। झील में अचानक पानी बढ़ने से झील टूटने की आशंका है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पार्वती नदी किनारे सटे जिया गांव को खाली करवाने के लिए रेस्क्यू टीमें भेजी गईं। झील टूटने से बाढ़ आने की सूचना सबसे पहले एसडीएम कुल्लू की ओर से दी गई।
सूचना मिलते ही सभी रेस्क्यू टीमें जिया रवाना हुईं और त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय लोगों को समय रहते आगाह कर सभी घरों को खाली करवाया गया। फोरलेन जिया पुल के साथ ही सुरक्षित स्थान पर राहत शिविर स्थापित कर प्राथमिक उपचार की सुविधा, खाने और रहने का प्रबंध किया गया। स्थानीय आपदा मित्रों और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से सही समय पर गांव खाली कर दिया गया, जिसमें जानमाल का कोई नुकसान नहीं। इसमें कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं जिनको निकाल कर तेगूबेहड़ अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया। आईटीबीपी, एसएसबी, होमगार्ड आपदा मित्र, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग ने अहम भूमिका निभाई। इस दौरान अग्निशमन विभाग के वाहन और एंबुलेंस के सायरन से पूरा कुल्लू गूंजता रहा।
इसके अलावा पिछले साल सैंज की पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ से सबक लेते हुए उपमंडल बंजार के सैंज में भी मॉकड्रिल की। सैंज नदी में बाढ़ आने के कारण सियुंड बांध से पानी छोड़ा गया। इससे पूर्व सैंज बाजार को खाली करवाया गया। मनाली के अंतर्गत 15 मील में मॉकड्रिल में दिखाया कि बाढ़ आने के कारण पुल टूटने से दो लोग पुल में फंस गए थे, जिन्हें बचाव दल ने बचाया। जिलास्तर पर अलग-अलग जगहों पर आगामी बरसात और किसी तरह की आपदा आने पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन कितना चुस्त दुरुस्त है, इसके लिए शुक्रवार को कुल्लू में मॉकड्रिल की गई।
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राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की ओर से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से मॉकड्रिल का आयोजन हुआ है। इस मौके पर सहायक आयुक्त शशि पाल नेगी, एसडीएम विकास शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. नागराज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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सूचना मिलते ही सभी रेस्क्यू टीमें जिया रवाना हुईं और त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय लोगों को समय रहते आगाह कर सभी घरों को खाली करवाया गया। फोरलेन जिया पुल के साथ ही सुरक्षित स्थान पर राहत शिविर स्थापित कर प्राथमिक उपचार की सुविधा, खाने और रहने का प्रबंध किया गया। स्थानीय आपदा मित्रों और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से सही समय पर गांव खाली कर दिया गया, जिसमें जानमाल का कोई नुकसान नहीं। इसमें कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं जिनको निकाल कर तेगूबेहड़ अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया। आईटीबीपी, एसएसबी, होमगार्ड आपदा मित्र, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग ने अहम भूमिका निभाई। इस दौरान अग्निशमन विभाग के वाहन और एंबुलेंस के सायरन से पूरा कुल्लू गूंजता रहा।
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इसके अलावा पिछले साल सैंज की पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ से सबक लेते हुए उपमंडल बंजार के सैंज में भी मॉकड्रिल की। सैंज नदी में बाढ़ आने के कारण सियुंड बांध से पानी छोड़ा गया। इससे पूर्व सैंज बाजार को खाली करवाया गया। मनाली के अंतर्गत 15 मील में मॉकड्रिल में दिखाया कि बाढ़ आने के कारण पुल टूटने से दो लोग पुल में फंस गए थे, जिन्हें बचाव दल ने बचाया। जिलास्तर पर अलग-अलग जगहों पर आगामी बरसात और किसी तरह की आपदा आने पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन कितना चुस्त दुरुस्त है, इसके लिए शुक्रवार को कुल्लू में मॉकड्रिल की गई।
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राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की ओर से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से मॉकड्रिल का आयोजन हुआ है। इस मौके पर सहायक आयुक्त शशि पाल नेगी, एसडीएम विकास शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. नागराज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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