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दसवीं कक्षा के घोषित परिणाम से विद्यार्थी नाखुश

Tue, 06 Jul 2021 10:15 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jul 2021 10:15 PM IST
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Students unhappy from the declared result of class 10th
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं कक्षा की परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। विद्यार्थियों को यह परीक्षा परिणाम रास नहीं आया है। लेकिन दसवीं कक्षा के परिणाम से कुल्लू जिले के विद्यार्थी नाखुश हैं। इस परिणाम से होनहार विद्यार्थियों को झटका लगा है।
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विद्यार्थियों का कहना है कि बोर्ड की परीक्षा के लिए वर्षभर की मेहनत का उन्हें उचित फल नहीं मिल पाया है। बोर्ड की ओर से घोषित नतीजे में सभी विद्यार्थियों को एक समान श्रेणी में रखा गया है। इसके चलते मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल टूटा है। मोनिका, आशिमा, रितिका, शिवांगी, अभय, मोहित, आकाश, रमनदीप, अतुल शर्मा, सुभांषु, जयंत ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि कोरोना काल में विद्यार्थियों की परीक्षा न करवाने का फैसला सही था। लेकिन जिस फार्मूले के तहत शिक्षा बोर्ड ने दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया है, वह मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के लिए परेशानी भरा है।
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वर्षभर की मेहनत पर फिर गया पानी
तनिष्का ठाकुर ने कहा कि शिक्षा बोर्ड ने दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया है। लेकिन इस परिणाम से वर्षभर की मेहनत पर पानी फिर गया है। बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत की है। परीक्षा न होने के कारण सब बेकार हो गया है।
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बेहतर परिणाम की कोशिशें बेनतीजा
डोनियल ने कहा कि परीक्षा परिणाम पर विद्यार्थियों का भविष्य आधारित होता है। लेकिन इस वर्ष परीक्षा न होने से मेहनत का फल नहीं मिल पाएगा। कोरोना के कारण बेहतर अंक पाने के लिए की गई सारी कोशिशें बेनतीजा रही। अभी मेरिट लिस्ट के लिए इंतजार करना होगा।
समय रहते करवानी चाहिए थी परीक्षा
अभय ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों को प्रमोट करने का निर्णय सही नहीं है। इसके कारण होनहार विद्यार्थियों के हाथ निराशा लगी है। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को समय रहते दसवीं कक्षा की परीक्षा करवानी चाहिए थी। इससे विद्यार्थियों को उनकी मेहनत का सही परिणाम मिलता।

बोर्ड ने टॉपर विद्यार्थियों को दिया झटका
चंदन प्रकाश ने कहा कि दसवीं कक्षा के घोषित परिणाम से टॉपर विद्यार्थियों को बोर्ड ने झटका दिया है। बोर्ड ने नौवीं कक्षा, प्री-बोर्ड, असेसमेंट और फर्स्ट-सेकेंड टर्म की परीक्षा के आधार पर परिणाम तैयार किया है। विद्यार्थी फर्स्ट-सेकेंड टर्म की परीक्षा के लिए उतनी मेहनत नहीं करते।
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