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Kullu News: किसान कुंभ में स्पीति की महिलाएं दिखा रहीं हुनर
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दिल्ली में किसान कुंभ में स्पीति की महिलाएं अपने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाती हुई।-संस्थ
केलांग (लाहौल-स्पीति)। स्पीति घाटी के किब्बर गांव की महिलाओं ने अपनी मेहनत और हुनर से क्षेत्र का नाम रोशन करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। शिमजक स्वयं सहायता समूह की दो सदस्य प्रतिष्ठित किसान कुंभ में भाग लेने के लिए चुनी गई हैं। इसका आयोजन आईआईटी दिल्ली में चल रहा है। पिपल फाउंडेशन और एमएंडएम फाउंडेशन के सहयोग से इन महिलाओं ने स्पीति नाम का ब्रांड विकसित किया है। इस ब्रांड में भुना हुआ जौ, भुना हुआ काला मटर, सत्तू, जोमो घी और चुरपी जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थ शामिल हैं जो स्पीति की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय संसाधनों की झलक पेश करते हैं।
पिपल फाउंडेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अभिषेक ने बताया कि 30 और 31 मार्च को आयोजित प्रदर्शनी में ये उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। यह मंच महिलाओं को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। इस पहल से न केवल स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि हिमालयी क्षेत्र की पारंपरिक आजीविका को भी मजबूती मिल रही है। साथ ही, यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रहा है।
स्वयं सहायता समूह की महिला टशी डोलमा और यौनतन ने बताया कि पिपल फाउंडेशन इस तरह की पहल के जरिए स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। संवाद
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पिपल फाउंडेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अभिषेक ने बताया कि 30 और 31 मार्च को आयोजित प्रदर्शनी में ये उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। यह मंच महिलाओं को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। इस पहल से न केवल स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि हिमालयी क्षेत्र की पारंपरिक आजीविका को भी मजबूती मिल रही है। साथ ही, यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रहा है।
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स्वयं सहायता समूह की महिला टशी डोलमा और यौनतन ने बताया कि पिपल फाउंडेशन इस तरह की पहल के जरिए स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। संवाद
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