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Kullu News: विशेष महिला उत्थान योजना ने तोड़ीं वेश्यावृत्ति की बेड़ियां
Thu, 22 May 2025 10:19 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 22 May 2025 10:19 PM IST
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व्यावसायिक प्रशिक्षण लेकर जिले में हर साल दर्जनों महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर
आर्थिक मदद दे रही सरकार, सिलाई-कढ़ाई, कंप्यूटर के साथ कर रहीं ब्यूटीशियन का कोर्स
गौरीशंकर
कुल्लू। सरकार की विशेष महिला उत्थान योजना वेश्यावृत्ति की बेड़ियां तोड़ रही है। जिले में हर साल दर्जनों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे महिलाओं को वेश्यावृत्ति की दलदल से निकलने की राह मिल रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से सरकार ऐसी महिलाओं के प्रशिक्षण के लिए आर्थिक मदद दे रही है।
हर साल कई महिलाएं ब्यूटीशियन, बेसिक कंप्यूटर, सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लेकर अपना हुनर संवार रही हैं। सरकार ने एक दशक पहले यह योजना शुरू की थी। शुरुआती दौर में महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए आगे नहीं आ रही थीं, लेकिन एड्स कंट्रोल सोसायटी के तहत पंजीकृत एनजीड्ने महिलाओं को जागरूक कर उन्हें प्रेरित किया। अब योजना का लाभ लेने के लिए हर साल दर्जनों महिलाएं आगे आने लगी हैं। वर्ष 2024 में जिले की 50 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें 24 लाख 65 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई। चार साल में 220 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें 45 लाख 85 हजार की आर्थिक मदद दी गई।
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ऐसे होती है पहचान
एड्स कंट्रोल सोसायटी के तहत पंजीकृत सामाजिक संगठन (एनजीओ) ऐसी महिलाओं की पहचान करते हैं। खासकर वेश्यावृत्ति के मामले में रेस्क्यू की गईं ऐसी महिलाओं और युवतियों को शामिल किया जाता है, जिन्हें समाज में घृणित नजरों से देखा जाता है। उन्हें सरकार और विभाग ने मॉरल डेंजर महिलाओं की श्रेणी में रखा है। एनजीओ ऐसी महिलाओं को चिह्नित करता है। इनकी पहचान गुप्त रखी जाती है।
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कब, कितनी महिलाओं को प्रशिक्षण दिया
वर्ष महिलाएं आर्थिक सहायता
2021 44 5,25,000
2022 77 9,00,000
2023 49 6,95,000
2024 50 24,65,000
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विशेष महिला उत्थान योजना का लाभ लेने के लिए महिलाएं आगे आ रही हैं। योजना के माध्यम से विभाग उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रशिक्षण कोर्स करवा रहा है। - गजेंद्र ठाकुर, डीपीओ, जिला महिला एवं बाल विकास विभाग
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आर्थिक मदद दे रही सरकार, सिलाई-कढ़ाई, कंप्यूटर के साथ कर रहीं ब्यूटीशियन का कोर्स
गौरीशंकर
कुल्लू। सरकार की विशेष महिला उत्थान योजना वेश्यावृत्ति की बेड़ियां तोड़ रही है। जिले में हर साल दर्जनों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे महिलाओं को वेश्यावृत्ति की दलदल से निकलने की राह मिल रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से सरकार ऐसी महिलाओं के प्रशिक्षण के लिए आर्थिक मदद दे रही है।
हर साल कई महिलाएं ब्यूटीशियन, बेसिक कंप्यूटर, सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लेकर अपना हुनर संवार रही हैं। सरकार ने एक दशक पहले यह योजना शुरू की थी। शुरुआती दौर में महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए आगे नहीं आ रही थीं, लेकिन एड्स कंट्रोल सोसायटी के तहत पंजीकृत एनजीड्ने महिलाओं को जागरूक कर उन्हें प्रेरित किया। अब योजना का लाभ लेने के लिए हर साल दर्जनों महिलाएं आगे आने लगी हैं। वर्ष 2024 में जिले की 50 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें 24 लाख 65 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई। चार साल में 220 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें 45 लाख 85 हजार की आर्थिक मदद दी गई।
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ऐसे होती है पहचान
एड्स कंट्रोल सोसायटी के तहत पंजीकृत सामाजिक संगठन (एनजीओ) ऐसी महिलाओं की पहचान करते हैं। खासकर वेश्यावृत्ति के मामले में रेस्क्यू की गईं ऐसी महिलाओं और युवतियों को शामिल किया जाता है, जिन्हें समाज में घृणित नजरों से देखा जाता है। उन्हें सरकार और विभाग ने मॉरल डेंजर महिलाओं की श्रेणी में रखा है। एनजीओ ऐसी महिलाओं को चिह्नित करता है। इनकी पहचान गुप्त रखी जाती है।
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कब, कितनी महिलाओं को प्रशिक्षण दिया
वर्ष महिलाएं आर्थिक सहायता
2021 44 5,25,000
2022 77 9,00,000
2023 49 6,95,000
2024 50 24,65,000
विशेष महिला उत्थान योजना का लाभ लेने के लिए महिलाएं आगे आ रही हैं। योजना के माध्यम से विभाग उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रशिक्षण कोर्स करवा रहा है। - गजेंद्र ठाकुर, डीपीओ, जिला महिला एवं बाल विकास विभाग