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Kullu News: कलश यात्रा से श्रीमद्भागवत कथा का आगाज
Sun, 29 Jun 2025 10:13 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 29 Jun 2025 10:13 PM IST
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वैदिक मंत्रों से गूंजा सोलंगनाला, कई देवी-देवता हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। पर्यटन नगरी के मुख्य पर्यटन स्थल सोलंगनाला में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आगाज हुआ। ब्यास नदी से लेकर सोलंगनाला में स्थित नाग मंदिर तक कलश यात्रा का आयोजन किया गया।
कलश यात्रा में भारी संख्या में महिलाओं और कन्याओं ने भाग लिया। इस अवसर पर घाटी के कई देवी-देवता भी पहुंचे। पूरा परिवेश वैदिक मंत्रों से गूंज उठा।विश्व शांति, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, महामारी से निदान और सुख शांति के लिए सोलंगनाला में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। नाग मंदिर में इस तरह का यह पहला आयोजन है। कंचन नाग, जमलू देवता, ब्यास ऋषि, गौतम ऋषि, पराशर ऋषि समेत घाटी के समस्त देवी-देवता अपने निशान के साथ श्रीमद् भागवत कथा में उपस्थित हुए। दोपहर को ग्रंथ का स्वागत और पूजन करने के बाद कथा का आगाज हुआ। इससे पहले वरुणा वाहन और गणपति की स्थापना की रस्म का निर्वहन किया। आयोजक बुधराम शर्मा और तेजा भारद्वाज ने बताया कि इस आयोजन में ऊझी घाटी के सभी ग्रामीण अपना सहयोग कर रहे हैं। स्थानीय पंचायत भी आयोजन में मुख्य भूमिका निभा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। पर्यटन नगरी के मुख्य पर्यटन स्थल सोलंगनाला में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आगाज हुआ। ब्यास नदी से लेकर सोलंगनाला में स्थित नाग मंदिर तक कलश यात्रा का आयोजन किया गया।
कलश यात्रा में भारी संख्या में महिलाओं और कन्याओं ने भाग लिया। इस अवसर पर घाटी के कई देवी-देवता भी पहुंचे। पूरा परिवेश वैदिक मंत्रों से गूंज उठा।विश्व शांति, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, महामारी से निदान और सुख शांति के लिए सोलंगनाला में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। नाग मंदिर में इस तरह का यह पहला आयोजन है। कंचन नाग, जमलू देवता, ब्यास ऋषि, गौतम ऋषि, पराशर ऋषि समेत घाटी के समस्त देवी-देवता अपने निशान के साथ श्रीमद् भागवत कथा में उपस्थित हुए। दोपहर को ग्रंथ का स्वागत और पूजन करने के बाद कथा का आगाज हुआ। इससे पहले वरुणा वाहन और गणपति की स्थापना की रस्म का निर्वहन किया। आयोजक बुधराम शर्मा और तेजा भारद्वाज ने बताया कि इस आयोजन में ऊझी घाटी के सभी ग्रामीण अपना सहयोग कर रहे हैं। स्थानीय पंचायत भी आयोजन में मुख्य भूमिका निभा रही है।
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