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Kullu News: रसोई के साथ संभाली खेत-खलिहानों की डोर, पुरुषों के लिए भी बनीं प्रेरणास्रोत

Fri, 07 Mar 2025 11:22 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Fri, 07 Mar 2025 11:22 PM IST
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She took care of the farms and barns along with the kitchen and became a source of inspiration for men as well
बंजार की अनीता, सरसेई की प्रोमिला, सेउबाग की सुनीता और बजौरा की बबली ने पेश की मिसाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। महिलाएं रसोई के साथ खेत-खलिहानों का जिम्मा भी संभाल रही हैं। वे प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में पुरुषों के लिए भी प्रेरणा बनती जा रही हैं। जिले में चार ऐसी महिलाएं हैं, जो प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर नई क्रांति लाई हैं।
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प्राकृतिक खेती से सालाना 40 लाख कमा रहीं अनीता
बंजार के तरगाली की अनीता देवी मिसाल बन गई हैं। किचन गार्डन से प्राकृतिक खेती की शुरुआत करने वाली अनीता आज आठ बीघा भूमि में प्राकृतिक खेती के साथ बागवानी कर सालाना 40 लाख रुपये कमा रही हैं। इनसे प्रेरित होकर उपमंडल की 150 से अधिक महिलाएं प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में लाखों रुपये कमा रही हैं। अनीता का बनाया प्राकृतिक खेती मॉडल कृषि विश्वविद्यालय के लिए शोध और विद्यार्थियों-किसानों के लिए एक्पोजर विजिट का केंद्र बन गया है।
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विरोध के बाद भी नहीं हारा हाैसला : प्रोमिला
ऊझी घाटी की सरसेई पंचायत के भाड़का की प्रोमिला शर्मा ने परिवार के विरोध के बाद भी हौसला नहीं हारा। प्राकृतिक खेती की डगर मुश्किल होने पर भी 2019 में प्राकृतिक खेती को अपनाया और डेढ़ बीघा से खेती की शुरुआत की। इस कारण सेब के प्रति किलो के हिसाब से वर्ष 2024 में 420 तक के दाम मिले। आसपास के 16 परिवार भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित हुए।
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किचन गार्डन में पालक, धनिया उगा रहीं बबली
बजौरा की बबली भी चार साल से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही हैं। वह किचन गार्डन में पालक और धनिया सहित कई तरह की सब्जियां उगा रही हैं। अच्छे परिणाम को देखते हुए इस बार अनार के बगीचे को भी प्राकृतिक बागवानी की तरफ मोड़ दिया है।

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प्राकृतिक तरीके से सेब, प्लम उगा रहीं सुनीता
सेउबाग की सुनीता का कहना है कि उन्होंने भी प्राकृतिक खेती को अपनाया है। वह पूरी तरह से जीवामृत आदि का इस्तेमाल करती हैं। तीन साल से वह बगीचे में भी नाशपाती, प्लम, सेब और अनार में भी इस खेती को अपनाने का काम कर रही हैं।
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