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Kullu News: पुराने नियमों के आधार पर हो शास्त्री की भर्ती
Sun, 17 Mar 2024 11:19 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 17 Mar 2024 11:19 PM IST
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संस्कृत कॉलेज के विद्यार्थियों ने सरकार से उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। शास्त्री के पदों पर भर्ती पुराने नियमों के अनुसार की जाए, जिससे बेरोजगार शास्त्री अध्यापकों को राहत मिल सके। श्री ब्यास संस्कृत कॉलेज के विद्यार्थी बलदेव, पमेश, पियूष ठाकुर, ऋतिका चौहान ने कहा कि सरकार ने अक्तूबर 2023 में शास्त्री पदों को लेकर अधिसूचना जारी की है, जिससे शास्त्री वर्ग आहत हुआ है।
सरकार ने सीएंडवी शास्त्री कैडर के लिए टीजीटी भर्ती नियमों को जबरदस्ती थोप दिया है, जो न्यायसंगत नहीं है। नए नियमों के चलते आने वाले समय में संस्कृत महाविद्यालय बंद हो जाएंगे। इससे न हमारी संस्कृति जिंदा रह पाएगी और न ही संस्कार। उन्होंने कहा कि नए नियमों के चलते हजारों बेरोजगार शास्त्री अध्यापक अपने अधिकार से वंचित हो रहे हैं।
प्रदेश सरकार के ध्यान में कई बार बेरोजगार शास्त्री अध्यापक इस बात को ला चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांग को नहीं सुना गया है। अगर सरकार का यही रवैया रहा तो आने वाले दिनों में बेरोजगार शास्त्री अध्यापक और संस्कृत कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक ज्ञापन जिला परिषद अध्यक्ष कुल्लू पंकज परमार को भी सौंपा गया है।
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..संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। शास्त्री के पदों पर भर्ती पुराने नियमों के अनुसार की जाए, जिससे बेरोजगार शास्त्री अध्यापकों को राहत मिल सके। श्री ब्यास संस्कृत कॉलेज के विद्यार्थी बलदेव, पमेश, पियूष ठाकुर, ऋतिका चौहान ने कहा कि सरकार ने अक्तूबर 2023 में शास्त्री पदों को लेकर अधिसूचना जारी की है, जिससे शास्त्री वर्ग आहत हुआ है।
सरकार ने सीएंडवी शास्त्री कैडर के लिए टीजीटी भर्ती नियमों को जबरदस्ती थोप दिया है, जो न्यायसंगत नहीं है। नए नियमों के चलते आने वाले समय में संस्कृत महाविद्यालय बंद हो जाएंगे। इससे न हमारी संस्कृति जिंदा रह पाएगी और न ही संस्कार। उन्होंने कहा कि नए नियमों के चलते हजारों बेरोजगार शास्त्री अध्यापक अपने अधिकार से वंचित हो रहे हैं।
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प्रदेश सरकार के ध्यान में कई बार बेरोजगार शास्त्री अध्यापक इस बात को ला चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांग को नहीं सुना गया है। अगर सरकार का यही रवैया रहा तो आने वाले दिनों में बेरोजगार शास्त्री अध्यापक और संस्कृत कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक ज्ञापन जिला परिषद अध्यक्ष कुल्लू पंकज परमार को भी सौंपा गया है।
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