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Kullu News: जल्द बनेगी स्कैन, शेयर तकनीक से पर्ची
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क्षेत्रीय अस्पताल में इसी सप्ताह शुरू होगी सुविधा, मरीजों को मिलेगा लाभ
वर्तमान में ऑनलाइन और सामान्य काउंटर में बनती है ओपीडी की पर्ची
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। चार जिलों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में स्कैन एवं शेयर तकनीक से पर्ची बनाने की सुविधा इसी सप्ताह से मिलना शुरू हो जाएगी। इसके लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू प्रबंधन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 14 से लेकर 16 सितंबर तक अवकाश होने के चलते अस्पताल में सुविधा शुरू होने में देरी हुई।
लोग मंगलवार या इसी सप्ताह सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सुविधा का लाभ उठाने के लिए मोबाइल फोन में आभा एप को डाउनलोड करना होगा। एप के माध्यम से क्यूआर स्कैनर को स्कैन करना होगा। इससे स्कैन करने वाले व्यक्ति की डेमोग्राफिक डिटेल पर्ची काउंटर पर बैठे डाटा एंट्री ऑपरेटर के पास जाएगी और एप में टोकन नंबर जनरेट होगा। फिर पर्ची काउंटर पर बैठे डाटा एंट्री ऑपरेटर को वह टोकन नंबर बताना होगा और साथ में सिर्फ इतना बताना होगा कि किस ओपीडी की पर्ची बनानी है। इतना बताते ही पर्ची जनरेट हो जाएगी। इस प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा 20-30 सेकंड का समय लगेगा।
वर्तमान में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में दो माध्यमों से पंजीकरण किया जाता है। एक पर्ची सामान्य जिसमें कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में एक ऑनलाइन काउंटर भी लगा है, जिसमें डिटेल ऑनलाइन भरने के बाद जनरेट हुई पर्ची के नंबर को काउंटर पर दिखाना होता है, जिसके बाद पर्ची दी जाती है।
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.........................
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत संचालित आभा का सफल परीक्षण किया गया। आभा एप के माध्यम से सफलतापूर्वक ओपीडी की पर्ची बनाई गई। आभा एप के माध्यम से अपनी पर्ची बनाने वाले को ओपीडी काउंटर पर प्राथमिकता दी जाएगी।
-डॉ. नरेश, चिकित्सा अधीक्षक
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वर्तमान में ऑनलाइन और सामान्य काउंटर में बनती है ओपीडी की पर्ची
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। चार जिलों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में स्कैन एवं शेयर तकनीक से पर्ची बनाने की सुविधा इसी सप्ताह से मिलना शुरू हो जाएगी। इसके लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू प्रबंधन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 14 से लेकर 16 सितंबर तक अवकाश होने के चलते अस्पताल में सुविधा शुरू होने में देरी हुई।
लोग मंगलवार या इसी सप्ताह सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सुविधा का लाभ उठाने के लिए मोबाइल फोन में आभा एप को डाउनलोड करना होगा। एप के माध्यम से क्यूआर स्कैनर को स्कैन करना होगा। इससे स्कैन करने वाले व्यक्ति की डेमोग्राफिक डिटेल पर्ची काउंटर पर बैठे डाटा एंट्री ऑपरेटर के पास जाएगी और एप में टोकन नंबर जनरेट होगा। फिर पर्ची काउंटर पर बैठे डाटा एंट्री ऑपरेटर को वह टोकन नंबर बताना होगा और साथ में सिर्फ इतना बताना होगा कि किस ओपीडी की पर्ची बनानी है। इतना बताते ही पर्ची जनरेट हो जाएगी। इस प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा 20-30 सेकंड का समय लगेगा।
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वर्तमान में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में दो माध्यमों से पंजीकरण किया जाता है। एक पर्ची सामान्य जिसमें कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में एक ऑनलाइन काउंटर भी लगा है, जिसमें डिटेल ऑनलाइन भरने के बाद जनरेट हुई पर्ची के नंबर को काउंटर पर दिखाना होता है, जिसके बाद पर्ची दी जाती है।
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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत संचालित आभा का सफल परीक्षण किया गया। आभा एप के माध्यम से सफलतापूर्वक ओपीडी की पर्ची बनाई गई। आभा एप के माध्यम से अपनी पर्ची बनाने वाले को ओपीडी काउंटर पर प्राथमिकता दी जाएगी।
-डॉ. नरेश, चिकित्सा अधीक्षक