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Kullu News: सड़क-रास्ते बंद... अब राशन के संकट से जूझ रहा मलाणा
Fri, 12 Sep 2025 10:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 12 Sep 2025 10:56 PM IST
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हेलिकाप्टर से राशन पहुंचाने की मांग को लेकर उपायुक्त से मिलने पहुंचे ग्रामीण
बोले- गांव में न बिजली न ही पानी, 90 फीसदी परिवारों के पास खत्म हुआ राशन
जरी बाजार पहुंचने में लग रहे आठ घंटे, आगे छोटे वाहन से कुल्लू पहुंच रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्राचीन लोकतंत्र के लिए मशहूर मलाणा गांव आपदा की मार झेल रहा है, जहां बिजली और सड़क दोनों लंबे समय से बंद हैं। पिछले साल डैम फटने के बाद टूटा पुल अब तक ठीक नहीं हो सका है जिससे गांव पूरी तरह कट गया है।
राशन का संकट इतना गहरा गया है कि 90 प्रतिशत परिवारों के पास अब खाना तक नहीं बचा है। जरी बाजार तक पहुंचने में आठ घंटे लगते हैं और अस्पताल तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। इस कड़ी आपदा के बीच, ग्रामीण उपायुक्त से मिलने पहुंचे और हेलिकाप्टर से राशन पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने एक साल से बंद सड़क को बहाल करने की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 1 अगस्त को मलाणा डैम फटने से सड़क बह गई थी। गांव को जोड़ने वाला पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद ही नाले पर पुलिया तैयार की थी लेकिन प्रशासन और सरकार ने मलाणा को दुनिया से जोड़ने का प्रयास नहीं किया। अब 20 दिनों से गांव में न बिजली है और न ही पानी। पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों को जरी बाजार तक पहुंचने में आठ घंटे का समय लग रहा है। इससे आगे छोटे वाहन से कुल्लू पहुंच रहे हैं।
मलाणा निवासी रूप सिंह, भाग चंद ने कहा कि गांव में राशन खत्म हो चुका है। सड़क और बिजली भी बंद है। प्रशासन से मांग की है कि गांव के लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लें।
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उन्होंने कहा कि गांव में 90 फीसदी परिवारों के पास राशन नहीं है। गैस सिलिंडर भी 3000 से 4000 रुपये तक मिल रहा है। राशन के दामों में काफी बढ़ोतरी कर दी है। गांव में कई लोग बीमार हैं लेकिन उन्हें अस्पताल नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
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ग्राम पंचायत मलाणा का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला। राशन न मिलने के बारे में शिकायत की है। मलाणा में उचित मूल्य की दुकान में अभी भी 46 क्विंटल आटा, 06 क्विंटल चीनी, 685 लीटर तेल और 34 क्विंटल चावल उपलब्ध हैं। - अरविंद शर्मा, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक
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बोले- गांव में न बिजली न ही पानी, 90 फीसदी परिवारों के पास खत्म हुआ राशन
जरी बाजार पहुंचने में लग रहे आठ घंटे, आगे छोटे वाहन से कुल्लू पहुंच रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्राचीन लोकतंत्र के लिए मशहूर मलाणा गांव आपदा की मार झेल रहा है, जहां बिजली और सड़क दोनों लंबे समय से बंद हैं। पिछले साल डैम फटने के बाद टूटा पुल अब तक ठीक नहीं हो सका है जिससे गांव पूरी तरह कट गया है।
राशन का संकट इतना गहरा गया है कि 90 प्रतिशत परिवारों के पास अब खाना तक नहीं बचा है। जरी बाजार तक पहुंचने में आठ घंटे लगते हैं और अस्पताल तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। इस कड़ी आपदा के बीच, ग्रामीण उपायुक्त से मिलने पहुंचे और हेलिकाप्टर से राशन पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने एक साल से बंद सड़क को बहाल करने की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 1 अगस्त को मलाणा डैम फटने से सड़क बह गई थी। गांव को जोड़ने वाला पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद ही नाले पर पुलिया तैयार की थी लेकिन प्रशासन और सरकार ने मलाणा को दुनिया से जोड़ने का प्रयास नहीं किया। अब 20 दिनों से गांव में न बिजली है और न ही पानी। पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों को जरी बाजार तक पहुंचने में आठ घंटे का समय लग रहा है। इससे आगे छोटे वाहन से कुल्लू पहुंच रहे हैं।
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मलाणा निवासी रूप सिंह, भाग चंद ने कहा कि गांव में राशन खत्म हो चुका है। सड़क और बिजली भी बंद है। प्रशासन से मांग की है कि गांव के लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लें।
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उन्होंने कहा कि गांव में 90 फीसदी परिवारों के पास राशन नहीं है। गैस सिलिंडर भी 3000 से 4000 रुपये तक मिल रहा है। राशन के दामों में काफी बढ़ोतरी कर दी है। गांव में कई लोग बीमार हैं लेकिन उन्हें अस्पताल नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
ग्राम पंचायत मलाणा का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला। राशन न मिलने के बारे में शिकायत की है। मलाणा में उचित मूल्य की दुकान में अभी भी 46 क्विंटल आटा, 06 क्विंटल चीनी, 685 लीटर तेल और 34 क्विंटल चावल उपलब्ध हैं। - अरविंद शर्मा, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक