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मुआवजा न मिलने पर भड़के विस्थापित
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Sun, 08 Nov 2015 07:08 PM IST
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प्रस्तावित नागचला-मनाली फोरलेन के विस्थापित आंदोलन की तैयारी में हैं। चार गुणा मुआवजे की मांग को लेकर फोरलेन-विस्थापित और प्रभावित 23 नवंबर को शक्ति प्रदर्शन करेंगे। फोरलेन संघर्ष समिति लंबे समय से उचित मुआवजा, पुनर्स्थापना और पारदर्शिता की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
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लोगों को अपनी बहुमूल्य भूमि कौड़ियों के भाव में फोरलेन में जाने का डर सता रहा है। भुंतर के हाथीथान में फोरलेन प्रभावितों और विस्थापितों की बैठक हुई। इसमें किसानों और बागवानों ने भूमि का उचित मुआवजा न मिलने पर रोष प्रकट किया। लोगों को डर है कि कहीं उनकी उपजाऊ भूमि कौड़ियों के भाव फोरलेन में न चली जाए। संघर्ष समिति ने हाइवे अथॉरिटी और प्रशासन पर भूमि अधिग्रहण एक्ट 2013 की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है। फोरलेन विस्थापितों और प्रभावितों को मार्केट रेट के बजाय सर्कल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है। वहीं चार गुणा की जगह केवल दो गुणा ही मुआवजा दिया जा रहा है।
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मनाली निवासी हुकम चंद का कहना है कि फोरलेन में उनकी उपजाऊ भूमि जा रही है, लेकिन मार्केट रेट का चार गुणा मुआवजा नहीं मिला तो उनका गुजारा कैसे होगा? अधिवक्ता महेंद्र ठाकुर का कहना है कि फोरलेन मामले में भूमि अधिग्रहण एक्ट 2013 की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। फोरलेन में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन लोगों को अभी तक अंधरे में रखा जा रहा है। संघर्ष समिति की युवा ब्रिगेड के अध्यक्ष धर्मेंद्र ठाकुर का कहना है कि चार गुणा मुआवजे की मांग को लेकर संघर्ष समिति अब आंदोलन की राह पर है। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से प्रभावितों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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संघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर (सेवानिवृत्त) का कहना है कि फोरलेन विस्थापित लंबे समय से मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। विस्थापित सभी नेताओं और अधिकारियों से भी मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक विस्थापितों को उचित मुआवजा देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी रणनीति के तहत फोरलेन विस्थापित कुल्लू में 23 नवंबर को एक महारैली करेंगे। रैली में नागचला से लेकर मनाली तक के हजारों किसान भाग लेंगे।