कुल्लू। जिले में चार दिन हुई भारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। जिले में कई संपर्क सड़कें बारिश के चलते दलदल में तब्दील हो गई हैं। जिला कुल्लू में रविवार रात भारी बारिश हुई। सुबह 11 बजे तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद मौसम खुला। मौसम खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश के बाद जिले में 25 सड़कों पर वाहनों के पहिये थम गए हैं। सेब सीजन के बीच बारिश से सड़कें बंद होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
रविवार रात हुई बारिश के बाद कुल्लू उपमंडल के तहत आने वाली बढ़ई बागन पीज सड़क, छुरला-खणीपांद सड़क, छरोड़नाला से कशावरी छमाहण सड़क, शेताजोल-लाशणी, लाशणी- शंगटेहड़ सड़क, दोहरनाला से चेष्टा, ब्यूंसबाई से भुलंग सड़क, दोहरानाला से डाबरी सहित अन्य सड़कें बंद हो गई हैं। इसके साथ मनाली उपमंडल में नेशनल हाईवे से बराण सड़क, बंजार उपमंडल में बंजार खाबल सड़क सहित कुल 13 सड़कें बंद हैं। निरमंड खंड में भी पांच सड़कें बाधित हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने सड़कों को बहाल करने के लिए अभियान चलाया हुआ है। जिले में कई जगहों पर भूस्खलन भी हुआ है। ऐतिहासिक गांव मलाणा को जोड़ने वाली जरी-मलाणा सड़क में भी पहाड़ी से भूस्खलन हुआ। उपायुुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि मौसम को देखते हुए लोगों को नदी, नालों से दूर रहने की अपील की गई है। वहीं बारिश का क्रम रुकते ही नांगचा में भूस्खलन के चलते बंद पड़ी सड़क को खोलनेे का काम शुरू किया गया। ग्राम पंचायत जिंदौड़ के प्रधान हीरा लाल ठाकुर ने कहा कि शौयरी मेले के चलते लोगों को आवाजाही करने में मुश्किल पेश आ रही है। इसलिए सड़क को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है।