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Kullu News: पावर हाउस में पानी के रिसाव पर कंपनी के दावों पर उठाए सवाल
Sat, 15 Aug 2026 05:57 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 15 Aug 2026 05:57 AM IST
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सैंज (कुल्लू)। एनएचपीसी परियोजना चरण-दो के पावर हाउस के पीछे बैक स्लोप के वीप होल से हो रहे पानी के रिसाव को लेकर विवाद गरमा गया है।
परियोजना प्रबंधन की ओर से रिसाव को सामान्य मानसून सीपेज बताए जाने के बाद स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जिला प्रशासन की निगरानी में स्वतंत्र भूवैज्ञानिक और तकनीकी जांच करवाने की मांग की है।
प्रधान टेक सिंह, प्रधान डाबेराम, समिति सदस्य रीता देवी, स्थानीय निवासी हरी सिंह धामी, वार्ड सदस्य दुर्गा सिंह, धनी राम और उपप्रधान पराग ठाकुर ने कहा कि परियोजना प्रबंधन इसे सामान्य मानसून सीपेज बता रहा है।
हालांकि जुलाई के अंतिम सप्ताह से सीपेज डिस्चार्ज बढ़ने की बात स्वयं परियोजना प्रबंधन की ओर से स्वीकार की गई है। ऐसे में केवल आंतरिक मॉनिटरिंग के आधार पर स्थिति को सामान्य बताना पर्याप्त नहीं है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि वीप होल से निकल रहा पानी वास्तव में बारिश के कारण होने वाला सामान्य रिसाव है तो इसकी वैज्ञानिक तरीके से पुष्टि होनी चाहिए। इसके लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों से जांच करवाना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की आशंका या भ्रम की स्थिति न रहे।
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उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र का स्वतंत्र भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण करवाया जाए। इसमें पहाड़ी की मौजूदा स्थिति, पानी के रिसाव के वास्तविक स्रोत और आसपास के क्षेत्र पर इसके संभावित प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना जैसी संवेदनशील संरचना के पीछे पानी के रिसाव को लेकर किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और स्थिति स्पष्ट करने के लिए पारदर्शी जांच जरूरी है।
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परियोजना प्रबंधन की ओर से रिसाव को सामान्य मानसून सीपेज बताए जाने के बाद स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जिला प्रशासन की निगरानी में स्वतंत्र भूवैज्ञानिक और तकनीकी जांच करवाने की मांग की है।
प्रधान टेक सिंह, प्रधान डाबेराम, समिति सदस्य रीता देवी, स्थानीय निवासी हरी सिंह धामी, वार्ड सदस्य दुर्गा सिंह, धनी राम और उपप्रधान पराग ठाकुर ने कहा कि परियोजना प्रबंधन इसे सामान्य मानसून सीपेज बता रहा है।
हालांकि जुलाई के अंतिम सप्ताह से सीपेज डिस्चार्ज बढ़ने की बात स्वयं परियोजना प्रबंधन की ओर से स्वीकार की गई है। ऐसे में केवल आंतरिक मॉनिटरिंग के आधार पर स्थिति को सामान्य बताना पर्याप्त नहीं है।
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जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि वीप होल से निकल रहा पानी वास्तव में बारिश के कारण होने वाला सामान्य रिसाव है तो इसकी वैज्ञानिक तरीके से पुष्टि होनी चाहिए। इसके लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों से जांच करवाना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की आशंका या भ्रम की स्थिति न रहे।
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उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र का स्वतंत्र भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण करवाया जाए। इसमें पहाड़ी की मौजूदा स्थिति, पानी के रिसाव के वास्तविक स्रोत और आसपास के क्षेत्र पर इसके संभावित प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना जैसी संवेदनशील संरचना के पीछे पानी के रिसाव को लेकर किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और स्थिति स्पष्ट करने के लिए पारदर्शी जांच जरूरी है।