{"_id":"36791c107ad8a0f172b4448365f50614","slug":"public-raily-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उचित मुआवजा देने को निकाली जन आक्रोश रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उचित मुआवजा देने को निकाली जन आक्रोश रैली
ब्यूरो /अमर उजाला, मनाली (कुल्लू)
Updated Thu, 11 Feb 2016 09:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोरलेन संघर्ष समिति की जन आक्रोश रैली वीरवार को माता हिडिंबा की पूजा-अर्चना कर मनाली से शुरू हुई। इस दौरान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने माल रोड मनाली में किसानों-बागवानों को संबोधित किया। बर्फबारी के बावजूद मनाली के सैकड़ों किसानों-बागवानों ने जन आक्रोश रैली में भाग लिया। फोरलेन संघर्ष समीति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर ने कहा कि अपनी जमीनों का सही दाम न मिलने के कारण मनाली से सुंदरनगर तक के किसानों-बागवानों में भारी रोष है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यह रैली 11 से 13 तक चलेगी और मनाली से चलकर पतलीकूहल होते हुए 13 फरवरी को कुल्लू के देव सदन में संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि भू-अधिग्रहण कानून 2013 के अंतर्गत उचित मुआवजा, पारदर्शिता, पुनर्वास, पुर्न स्थापना का प्रावधान है, लेकिन सरकार मनमानी कर हजारों किसानों-बागवानों की अनदेखी कर कानून का उल्लंघन कर रही है। फोरलेन संघर्ष समिति मनाली के अध्यक्ष महेंद्र ठाकुर ने कहा कि किसान-बागवान सड़कों पर उतरने को विवश हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर भी सामाजिक आकलन और पुनर्वास, भू-अधिग्रहण से पहले जरुरी है, लेकिन ऐसा न कर सरकार कानून का उल्लंघन कर रही है। यह लड़ाई सरकार या राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं है बल्कि अपने हकों के लिए हजारों किसानों-बागवानों का लोकतांत्रिक संघर्ष है। संघर्ष समीति के पदाधिकारियों ने कार्यकारी उपमंडल अधिकारी पदमा छेरिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर किसानों-बागवानों को उचित मुआवजा देने का आग्रह किया।
विज्ञापन