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बिना शिक्षक के चल रहा प्राइमरी स्कूल मनिहार

Mon, 05 Sep 2022 11:24 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Sep 2022 11:24 PM IST
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Primary school Manihar running without teacher
कुल्लू जिला का मनिहार स्कूल। -संवाद - फोटो : Kullu
कुल्लू। शिक्षा मंत्री के गृह जिले के स्कूलों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई नहीं हो रही है। जिला कुल्लू की सचानी पंचायत के अति दुर्गम प्राइमरी स्कूल मनिहार में 15 दिन से शिक्षक ही नहीं है। ऐसे में स्कूल मल्टी टास्क वर्कर के हवाले हैं।
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वह सुबह स्कूल को खोलते और शाम को बंद कर देते हैं। बच्चों की पढ़ाई और होमवर्क न होने से अभिभावक परेशान हैं। यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे स्कूल के 24 विद्यार्थियों की सुध लेने वाला कोई है। अगस्त में स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों तक यहां एक जेबीटी शिक्षक तैनात था। अब शिक्षक का तबादला हो गया है। ऐसे में छुट्टियां खत्म होने के बाद खुले स्कूल के बाद कोई भी अध्यापक नहीं है। ऐसे में शिक्षा विभाग की कार्य प्रणाली भी अभिभावक सवाल उठा रहे हैं।
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अभिभावक जीत राम, हुकमी राम तथा हरि सिंह ने कहा कि सचानी पंचायत के तहत आने वाला प्राइमरी स्कूल मनिहार अति दुर्गम है। वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि जब स्कूल से अध्यापक का तबादला कर दिया तो दूसरे शिक्षक की तैनाती क्यों नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षक की तैनाती की जाए अन्यथा मनिहार गांव के ग्रामीण धरने देने को विवश होंगे।
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डेपुटेशन पर कभी-कभार आता है शिक्षक
मनिहार स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भोज प्रकाश ने कहा कि स्कूल बिना शिक्षक के चल रहा है। कभी-कभार आसपास के स्कूलों से एक शिक्षक डेपुटेशन पर आता है। लेकिन नियमित अध्यापक के नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही है।
मल्टी टास्क वर्कर चला रहा स्कूल
स्कूल में 24 बच्चे बिना शिक्षक के पढ़ाई करने के लिए स्कूल आ रहे हैं। शिक्षक नहीं होने से इन दिनों मल्टी टास्क वर्कर ही स्कूल को चला रहा है। सरकार व शिक्षा विभाग कोई सुध नहीं ले रहा है।
अमर चंद, अभिभावक
15 दिनों से स्कूल में शिक्षक नहीं
15 दिनों से स्कूल में कोई शिक्षक नहीं है। ऐसे में बच्चे अपने बैग को जैसे स्कूल लेकर जाते हैं शाम को वैसे ही उठाकर लाते हैं। स्कूल में पढ़ाई और घर में होमवर्क नहीं नहीं हो रहा है।

शिक्षक नहीं आया तो धरना
अगर सरकार और शिक्षा विभाग ने स्कूल में जल्द अध्यापक की तैनाती नहीं की तो अभिभावक शिक्षा विभाग को घेराव करने को मजबूर होंगे। बिना शिक्षकों के बच्चे कैसे पढ़ेंगे।
टेक चंद, अभिभावक
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