केलांग/रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में शुक्रवार मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें दिखाया गया कि जगह-जगह ग्लेशियरों के कारण टूटी झीलों से बाढ़ और भूस्खलन में कैसे बचाव किया जा सकता है। इस दौरान कई लोगों को नदी-नालों को पार कर रेस्क्यू टीमों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मेगा मॉकड्रिल के लिए पूर्व निर्धारित स्थानों में सुबह करीब 9:00 बजे बाढ़ का अलर्ट जारी कर अभ्यास किया गया।
इसके बाद जिले के तीन उपमंडलों में पिघलते हुए ग्लेशियरों से नदी के किनारों पर स्थित कई गांवों में बाढ़ एवं भूस्खलन में लोगों के फंसने की सूचनाएं मिलीं। इसके बाद जिला प्रशासन और बचाव दल मौके के लिए रवाना हुए। लोग बाढ़ और भूस्खलन से फंसे थे, उन्हें नालों में सीढि़यां लगाकर और पीठ पर उठाकर सुरक्षित पहुंचाया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रभारी मनोज कुमार ने उपायुक्त कार्यालय परिसर से मेगा मॉक एक्सरसाइज की निगरानी की। कहा कि भारतीय तिब्बत बॉर्डर पुलिस, सीमा सड़क संगठन, पुलिस, होमगार्ड ने अपनी अहम भूमिका अदा की। स्थानीय महिला और युवक मंडलों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। संवाद