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Kullu News: तंबू में नहीं अब रोपा रेस्ट हाउस में ठहरेंगे दरमेढा गांव के लो
Mon, 28 Jul 2025 10:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 28 Jul 2025 10:27 PM IST
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प्रशासन ने रहने के साथ की खाने की व्यवस्था
बारिश में पहाड़ी से अधिक हो रहा भूस्खलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज/न्यूली (कुल्लू)। सैंज के दरमेढा गांव के लोग अब खेतों में तंबुओं में नहीं रहेंगे। बारिश के कारण तंबुओं में पानी आने से अब पीड़ित 14 परिवारों के करीब 60 लोगों को रोपा में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के रेस्टहाउस में शिफ्ट किया गया है।
प्रशासन ने उनके रहने के साथ-खाने की भी व्यवस्था की है। हालांकि ग्रामीणों के मवेशी अपने घरों में हैं। वे उन्हें चारा और पानी देने के लिए दिन के समय में गांव आते हैं। शाम को रात्रि ठहराव के लिए रेस्ट हाउस चले जाते हैं। कई ग्रामीण आसपास के गांवों में रिश्तेदारों के घर रुके हैं।
पंचायत प्रधान भगत राम आजाद ने कहा कि पीड़ित ग्रामीणों के ठहरने का इंतजाम रोपा रेस्टहाउस में किया गया है। बारिश होने पर पहाड़ी से भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा अधिक हो रहा है। मौसम खुलने पर रुक-रुक कर पत्थर गिर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सभी की सुरक्षा को देखते हुए उनके रुकने और खाने की व्यवस्था रोपा में की है। पीड़ित रामेश्वर और चेत राम ने कहा कि बारिश के कारण पीड़ित लोगों को तंबुओं में रुकना कठिन हो रहा है। ऐसे में उन्हें रोपा के लिए शिफ्ट किया गया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से जल्द भू भर्गीय टीम से मौके का निरीक्षण करवाने की मांग की है।
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बारिश में पहाड़ी से अधिक हो रहा भूस्खलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज/न्यूली (कुल्लू)। सैंज के दरमेढा गांव के लोग अब खेतों में तंबुओं में नहीं रहेंगे। बारिश के कारण तंबुओं में पानी आने से अब पीड़ित 14 परिवारों के करीब 60 लोगों को रोपा में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के रेस्टहाउस में शिफ्ट किया गया है।
प्रशासन ने उनके रहने के साथ-खाने की भी व्यवस्था की है। हालांकि ग्रामीणों के मवेशी अपने घरों में हैं। वे उन्हें चारा और पानी देने के लिए दिन के समय में गांव आते हैं। शाम को रात्रि ठहराव के लिए रेस्ट हाउस चले जाते हैं। कई ग्रामीण आसपास के गांवों में रिश्तेदारों के घर रुके हैं।
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पंचायत प्रधान भगत राम आजाद ने कहा कि पीड़ित ग्रामीणों के ठहरने का इंतजाम रोपा रेस्टहाउस में किया गया है। बारिश होने पर पहाड़ी से भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा अधिक हो रहा है। मौसम खुलने पर रुक-रुक कर पत्थर गिर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सभी की सुरक्षा को देखते हुए उनके रुकने और खाने की व्यवस्था रोपा में की है। पीड़ित रामेश्वर और चेत राम ने कहा कि बारिश के कारण पीड़ित लोगों को तंबुओं में रुकना कठिन हो रहा है। ऐसे में उन्हें रोपा के लिए शिफ्ट किया गया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से जल्द भू भर्गीय टीम से मौके का निरीक्षण करवाने की मांग की है।
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