एनजीटी ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से नदी में मिल रहे पानी के लिए सैंपल
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एनजीटी की टीम ने कुल्लू, मनाली और भुंतर का औचक निरीक्षण कर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से ब्यास तथा सहायक नदियों को छोड़े जा रहे पानी के छह सैंपल भरे हैं। पाबंदी के बावजूद भी लगातार प्रदूषित हो रही जिला कुल्लू की ब्यास नदी तथा सहायक नदियों को लेकर टीम ने निरीक्षण किया। टीम को निरीक्षण के दौरान जगह-जगह ब्यास किनारे गंदगी फेंकी हुई भी मिली। टीम इसकी सारी रिपोर्ट तैयार करने के बाद 28 मई को शिमला में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की बैंच में एफेडेविट फाइल सौंपेगी। 7 दिसंबर 2012 को प्रदेश हाईकोर्ट की ग्रीन बैंच ने हिमाचल सरकार को बिना ट्रीटमेंट कर सीवेज के पानी को ब्यास नदी तथा सहायक नदियों में न छोड़ने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस पर कोई खास अमल नहीं हुआ है।
इस स्थिति में केंद्रीय टीम के सदस्यों ने बुधवार को निरीक्षण कर कुल्लू, मनाली और भुंतर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों पर जाकर ट्रीटमेंट प्लांट से बाहर नदी में मिल रहे पानी के सैंपल भरे। इस दौरान प्रदूषण याचिकाकर्ता अभिषेक राय ने टीम को ब्यास और सरवरी नदी में फेंकी जा रही गंदगी को भी दिखाया। एनजीटी की टीम में आईपीएच प्रधान सचिव अनुपमा ठाकुर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शिमला के सदस्य सचिव विनीत कुमार के साथ-साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दो अधिकारी और एनआईटी के दो प्रोफेसर शामिल थे। इधर, उपायुक्त कुल्लू हंसराज चौहान के अनुसार टीम ने कुल्लू से भुंतर तक सीवेज के ट्रीटमेंट प्लांट के साथ-साथ ब्यास नदी का निरीक्षण किया है। टीम 28 मई को शिमला में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की बैंच में निरीक्षण के दौरान तैयार की गई रिपोर्ट की फाइल को सबमिट करेगी। इस मौके पर एडीएम कुल्लू विनय सिंह, अधिशाषी अभियंता आईपीएच केआर कुल्लवी, एसडीओ आईपीएच सेस राम आजाद, प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड अधिकारी कुल्लू और ईओ कुल्लू-मनाली भी मौजूद रहे।