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उझी घाटी के ग्रामीणों का मनाली में प्रदर्शन
ब्यूरो/ अमर उजाला, मनाली (कुल्लू)
Updated Tue, 22 Dec 2015 10:03 PM IST
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ज्ञापन में लोगों ने महामहिम को अवगत करवाया है कि वे लंबे अरसे से सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण एनजीटी की ओर से प्रतिबंधित पर्यटन गतिविधियों के चलते बेरोजगार हो गए हैं।
ग्रामीणों ने सचेत किया है कि अगर 27 दिसंबर तक इको फ्रेंडली गतिविधियों को शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। लोगों के पास न खाने को अन्न बचा है और न ही वे बच्चों के स्कूल की फीस अदा कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार अमीर और शक्ति संपन्न परिवारों को लाभ पहुंचने के लिए हजारों लोगों की रोजी-रोटी छीन रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उनके रोजगार छीनकर उन्हें जीते जी मरने को विवश कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 6 जुलाई के आदेशानुसार रोहतांग दर्रे सहित सोलंग और मढ़ी में स्नो स्कूटर, एटीवी, घुड़सवारी, पैराग्लाइडिंग, स्नो वाइकिंग, टायर ट्यूब, प्रतिबंधित किए गए थे लेकिन सरकार और प्रशासन ने उन तमाम पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया जिनसे प्रदूषण का दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।
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उझी के लोगों ने राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है कि वे इको फ्रेंडली गतिविधियां जैसे फोटोग्राफी, कुल्लवी परिधान, स्नो ड्रेस, स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग, स्लेजिंग सहित अन्य दर्जन भर गतिविधियों को शुरू करवाने का प्रदेश सरकार को आदेश दें। उधर, एसडीएम मनाली ज्योति राणा ने कहा कि ग्रामीणों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है। राणा ने लोगों से संयम बरतने की अपील की तथा कानून को हाथ में न लेने का भी आग्रह किया।
ग्रामीणों ने सचेत किया है कि अगर 27 दिसंबर तक इको फ्रेंडली गतिविधियों को शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। लोगों के पास न खाने को अन्न बचा है और न ही वे बच्चों के स्कूल की फीस अदा कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार अमीर और शक्ति संपन्न परिवारों को लाभ पहुंचने के लिए हजारों लोगों की रोजी-रोटी छीन रही है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उनके रोजगार छीनकर उन्हें जीते जी मरने को विवश कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 6 जुलाई के आदेशानुसार रोहतांग दर्रे सहित सोलंग और मढ़ी में स्नो स्कूटर, एटीवी, घुड़सवारी, पैराग्लाइडिंग, स्नो वाइकिंग, टायर ट्यूब, प्रतिबंधित किए गए थे लेकिन सरकार और प्रशासन ने उन तमाम पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया जिनसे प्रदूषण का दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।
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उझी के लोगों ने राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है कि वे इको फ्रेंडली गतिविधियां जैसे फोटोग्राफी, कुल्लवी परिधान, स्नो ड्रेस, स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग, स्लेजिंग सहित अन्य दर्जन भर गतिविधियों को शुरू करवाने का प्रदेश सरकार को आदेश दें। उधर, एसडीएम मनाली ज्योति राणा ने कहा कि ग्रामीणों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है। राणा ने लोगों से संयम बरतने की अपील की तथा कानून को हाथ में न लेने का भी आग्रह किया।