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Kullu News: न प्रशासन को दिखे, न ही नगर परिषद की नजर में आ रहे खतरा बने पेड़
Sun, 06 Apr 2025 10:18 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 06 Apr 2025 10:18 PM IST
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कुल्लू-भुंतर मार्ग पर कुल्लू में पेड़ दुघर्टना को न्यौता दे रहे है।-स्ंवाद
कुल्लू शहर में लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकते हैं सूख चुके पेड़ और टहनियां
दशहरा मैदान किनारे पेड़ से गिरी टहनी ने ले ली थी एक व्यक्ति की जान
फोरेस्ट कॉलोनी में पेड़ की जद में आ चुकी हैं आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां
गौरी शंकर
कुल्लू। नगर परिषद क्षेत्र में सूखे पेड़ लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बने हुए हैं। इसको लेकर प्रशासन, नगर परिषद और विभाग गंभीर नहीं दिख रहे हैं। मणिकर्ण हादसे के बाद भी प्रशासन और नगर परिषद गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
सूखे पेड़ और टहनियां जान के लिए खतरा बने हुए हैं। पहले भी कुल्लू में पेड़ और टहनियां गिरने से हादसे हो चुके हैं। दशहरा मैदान के किनारे पेड़ से सूखी टहनी गिरने से कुछ वर्ष पहले एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। परिधि गृह और सैनिक विश्राम गृह के बीच सूखा पेड़ धराशायी हो गया था। इससे छह से अधिक वाहनों को नुकसान पहुंचा था। हाल ही में मणिकर्ण के पास गिरे पेड़ ने छह लोगों की जान ले ली है।
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सौंदर्यीकरण के लिए सूखे पर कुल्हाड़ी
हैरानी की बात है कि मालरोड के सौंदर्यीकरण के लिए करीब 10 हरे और सूखे पेड़ों को लोगों की जान के लिए खतरा बताकर काट दिया था, लेकिन जो सूखे पेड़ खतरा बने हुए हैं, उन्हें हटाने को लेकर उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। नगर परिषद के रिकार्ड के अनुसार शहर में ऐसे तीन ही पेड़ है जो सूखे हैं और उन्हें हटाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। इन पेड़ों का चयन संयुक्त निरीक्षण के दौरान किया गया था। ये पेड़ आईटीआई बालाबेहड़, शस्त्रीनगर, कॉलेज गेट के पास स्थित हैं। इसके अलावा कई ऐसे पेड़ हैं, जो सूख चुके हैं और कई हरे पेड़ों में टहनियां सूख चुकी हैं।
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शहर में कई जगह पेड़ सूखे हैं। ये जानलेवा हो सकते हैं। इससे पहले कोई हादसा पेश आए, प्रशासन और नगर परिषद को इन्हें हटा देना चाहिए, ताकि लापरवाही के कारण किसी की जान न जाए। - धीरज कुमार, कुल्लू
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इससे पहले कि मणिकर्ण जैसा हादसा हो कुल्लू शहर में मौजूद सूखे पेड़ों को हटाने के लिए प्रशासन और नगर परिषद को उचित कदम उठाने चाहिए। - हर्ष कुमार, कुल्लू
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कुल्लू शहर में संयुक्त निरीक्षण हुआ था जिसमें 15 पेड़ों को चिह्नित किया गया था। इनमें से करीब 9 पेड़ों को काट दिया है। बाकियों को काटा जाना है। - एंजल चौहान, वन मंडलाधिकारी, कुल्लू
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नगर परिषद क्षेत्र में सिर्फ तीन पेड़ चिह्नित हैं, जिन्हें हटाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। जल्द उन्हें हटाया जाएगा। नगर परिषद का प्रयास है कि शहर के लोगों को सुरक्षित माहौल दिया जाए। - अनुभव शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कुल्लू
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दशहरा मैदान किनारे पेड़ से गिरी टहनी ने ले ली थी एक व्यक्ति की जान
फोरेस्ट कॉलोनी में पेड़ की जद में आ चुकी हैं आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां
गौरी शंकर
कुल्लू। नगर परिषद क्षेत्र में सूखे पेड़ लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बने हुए हैं। इसको लेकर प्रशासन, नगर परिषद और विभाग गंभीर नहीं दिख रहे हैं। मणिकर्ण हादसे के बाद भी प्रशासन और नगर परिषद गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
सूखे पेड़ और टहनियां जान के लिए खतरा बने हुए हैं। पहले भी कुल्लू में पेड़ और टहनियां गिरने से हादसे हो चुके हैं। दशहरा मैदान के किनारे पेड़ से सूखी टहनी गिरने से कुछ वर्ष पहले एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। परिधि गृह और सैनिक विश्राम गृह के बीच सूखा पेड़ धराशायी हो गया था। इससे छह से अधिक वाहनों को नुकसान पहुंचा था। हाल ही में मणिकर्ण के पास गिरे पेड़ ने छह लोगों की जान ले ली है।
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सौंदर्यीकरण के लिए सूखे पर कुल्हाड़ी
हैरानी की बात है कि मालरोड के सौंदर्यीकरण के लिए करीब 10 हरे और सूखे पेड़ों को लोगों की जान के लिए खतरा बताकर काट दिया था, लेकिन जो सूखे पेड़ खतरा बने हुए हैं, उन्हें हटाने को लेकर उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। नगर परिषद के रिकार्ड के अनुसार शहर में ऐसे तीन ही पेड़ है जो सूखे हैं और उन्हें हटाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। इन पेड़ों का चयन संयुक्त निरीक्षण के दौरान किया गया था। ये पेड़ आईटीआई बालाबेहड़, शस्त्रीनगर, कॉलेज गेट के पास स्थित हैं। इसके अलावा कई ऐसे पेड़ हैं, जो सूख चुके हैं और कई हरे पेड़ों में टहनियां सूख चुकी हैं।
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शहर में कई जगह पेड़ सूखे हैं। ये जानलेवा हो सकते हैं। इससे पहले कोई हादसा पेश आए, प्रशासन और नगर परिषद को इन्हें हटा देना चाहिए, ताकि लापरवाही के कारण किसी की जान न जाए। - धीरज कुमार, कुल्लू
इससे पहले कि मणिकर्ण जैसा हादसा हो कुल्लू शहर में मौजूद सूखे पेड़ों को हटाने के लिए प्रशासन और नगर परिषद को उचित कदम उठाने चाहिए। - हर्ष कुमार, कुल्लू
कुल्लू शहर में संयुक्त निरीक्षण हुआ था जिसमें 15 पेड़ों को चिह्नित किया गया था। इनमें से करीब 9 पेड़ों को काट दिया है। बाकियों को काटा जाना है। - एंजल चौहान, वन मंडलाधिकारी, कुल्लू
नगर परिषद क्षेत्र में सिर्फ तीन पेड़ चिह्नित हैं, जिन्हें हटाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। जल्द उन्हें हटाया जाएगा। नगर परिषद का प्रयास है कि शहर के लोगों को सुरक्षित माहौल दिया जाए। - अनुभव शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कुल्लू