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Kullu News: बीमार बुजुर्ग पिता को बचाने के लिए दोबारा घर में घुस गईं मूर्ति

Sat, 28 Jun 2025 11:01 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sat, 28 Jun 2025 11:01 PM IST
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Murti entered the house again to save her ailing elderly father
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पिता और बुआ का हाथ पकड़कर बाढ़ से निकालकर ला रही थी बहन : भाग चंद
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रुंधे गले से बोले- जब तक भाई पहुंचा, पिता-बुआ और बहन को बहते ही देख पाया
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बेरहम बाढ़ ने पल भर में मेरी बहन, पिता और बुआ को छीन लिया। वह मंजर बेहद खौफनाक था। कभी सोचा नहीं था कि पल भर में खुशियां मातम में बदल जाएंगी। नम आंखों से यह बात लापता नंद लाल के बेटे भाग चंद ने कही।
वह खौफनाक पल याद करते हुए भाग चंद की आंखें भर आईं और रुंधे गले से कहा कि बुजुर्ग पिता को घर से सुरक्षित निकालने के लिए 14 वर्षीय मूर्ति देवी दोबारा घर के भीतर घुस गई थीं। उन्होंने बताया कि उनकी बहन मूर्ति देवी बाढ़ से बचकर सुरक्षित घर से बाहर निकल आई थी।इस बीच, पता चला कि उनके पिता और बुआ घर के भीतर रह गए हैं। ऐसे में मूर्ति देवी बिना कुछ सोचे-समझे अपने पिता और बुआ की जान बचाने के लिए दोबारा घर में घुस गईं। वह बुआ और पिता का हाथ पकड़कर दरवाजे पर पहुंची ही थीं कि बाढ़ के पानी ने तीनों को चारों ओर से घेर लिया। तीनों से एक-दूसरे का हाथ पकड़ा और निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। देखते ही देखते तीनों बाढ़ के साथ बह गए। एक भाई जब पहुंचा, तब तक मकान पूरी तरह से घिर चुका था। असहाय होकर वह भी बहन, पिता और बुआ को बाढ़ में बहता देखता रह गया।
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मूर्ति के पिता 72 वर्षीय नंद लाल बीमार थे। इस कारण ठीक से चल नहीं पाते थे। हादसे के दौरान कमरे में सो रहे थे। 63 वर्षीय यान दासी रसोई में थीं। भग चंद ने बताया कि उस दौरान वे तीन लोग ही घर पर थे।
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पल भर में उजड़ गई बस्ती
भाग चंद ने बताया कि सिउंड बिहाली में 6 मकान थे। सबने मकान के साथ गोशाला और अन्य तमाम सुविधाएं स्थापित की थीं, लेकिन बाढ़ ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। 5 मकानों का नामोनिशान मिट गया। एक मकान का सिर्फ ढांचा रह गया है। यह जगह रहने लायक नहीं बची है। लोग सिर्फ जान बचाकर भागे, मवेशी गोशाला में ही रह गए। ये भी बाढ़ की भेंट चढ़ गए।
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