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Kullu News: मेहमानों के कदम खींच रही भित्ति चित्रकला और तांबे की पांडुलिपियां

Sun, 15 Jun 2025 11:05 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sun, 15 Jun 2025 11:05 PM IST
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Mural paintings and copper manuscripts attract the guests
स्पीति घाटी के ताबो मठ पहुंचे विदेशी पर्यटक ।-संवाद
देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए पहली पसंद बनी जनजातीय जिले की स्पीति घाटी
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1027 साल पुराने ताबो मठ को कहा जाता है हिमालय का अजंता एलोरा
अशोक राणा

केलांग (लाहौल-स्पीति)। स्पीति घाटी विदेशी सैलानियों की भी पहली पसंद बनती जा रही है। खासकर 1027 साल पुराने ताबो मठ में देसी और विदेशी पर्यटकों की भारी आमद देखने को मिल रही है। बौद्ध कला, संस्कृति और स्थापत्य का अद्भुत संगम माने जाने वाले इस प्राचीन मठ को हिमालय का अजंता एलोरा कहा जाता है।

मठ की दीवारों पर उकेरी गई गुंथा शैली की भित्ति चित्रकला, प्राचीन मूर्तियां और तांबे की पांडुलिपियां इतिहास प्रेमियों और शोधार्थियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। कई पर्यटक तो महीनों रुककर मठ और बौद्ध परंपरा पर शोध भी कर रहे हैं। इसके अलावा घाटी के अन्य धार्मिक पर्यटन स्थलों में भी बड़ी संख्या में पर्यटक दस्तक दे रहे हैं।
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पर्यटन कारोबार में नई जान

पर्यटकों की बढ़ती आमद से स्थानीय होटल, होमस्टे और टैक्सी सेवाओं को भी नया जीवन मिला है। इससे स्थानीय पर्यटन कारोबारियों की आर्थिकी मजबूत हो रही है। एसडीएम एवं स्पीति के पर्यटन अधिकारी शिखा ने बताया कि ताबो मठ आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और सूचना बोर्ड जैसी मूलभूत सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।
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स्पीति आकर मिलती है आत्मिक शांति : शिवानी

दिल्ली से आईं पर्यटक शिवानी ने बताया ताबो मठ में शांति और कला का जो अद्भुत संगम है, वह कहीं और नहीं देखा। यहां आकर आत्मिक शांति मिली। वहीं, जर्मनी से आए एक शोधार्थी ने कहा कि यह स्थान बौद्ध अध्ययन के लिए खजाना है, यहां की चित्रकला अद्वितीय है।


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ताबो मठ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ताबो मठ की स्थापना 996 ईस्वी में पश्चिमी तिब्बती राजा यसहेद और गुरु रिनचेन जांगपो ने की थी। यह मठ तिब्बती बौद्ध परंपरा के गे-लुग पंथ से जुड़ा हुआ है और आज भी जीवंत धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है। स्पीति घाटी के पर्यटन मानचित्र पर ताबो मठ की यह चमक हिमालयी संस्कृति की एक अनमोल विरासत को वैश्विक मंच पर और ऊंचाई दे रही है।
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