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हाशिये पर चल रहे पूर्व मंत्री खीमीराम सक्रिय
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सैंज (कुल्लू)। बंजार भाजपा में पार्टी की गुटबाजी नहीं थम रही है। मंडल में कार्यरत वर्तमान टीम के अलावा पूर्व जिला परिषद सदस्य हितेश्वर सिंह का गुट भी सक्रिय है। अब भाजपा में हाशिये पर चल रहे पूर्व वन मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष खीमीराम शर्मा भी सियासी खाका तैयार कर रहे है।
लंबे समय से खामोश चल रहे खीमीराम ने अपने पुराने करीबियों से मंत्रणा के लिए एक सितंबर को भुंतर स्थित अपने आवास में बैठक बुलाई है। 2017 के विस चुनावों में उनका टिकट कटने के बाद यहां का राजनीतिक केंद्र बदल गया था। वर्षों तक कुल्लू के राजघराने, भुट्टी कॉलोनी और भुंतर से चलने वाली बंजार की राजनीति का नया केंद्र बंजार उपमंडल मुख्यालय बन गया। 40 वर्षों के बाद स्थानीय नेता को टिकट मिलने से 2017 में सुरेंद्र शौरी ने यहां से जीत दर्ज की थी। एक बार जिप अध्यक्ष, दो बार बंजार के विधायक, एक बार विस उपाध्यक्ष, दो बार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और एक बार वन मंत्री रहे खीमीराम शर्मा अब भाजपा में हाशिये पर है। गौर रहे कि खीमीराम शर्मा पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के खासे करीबी माने जाते है। तीन धड़ों में बंटी बंजार भाजपा में खीमीराम की बढ़ती सक्रियता से घमासान होने के आसार हैं। पूर्व वन मंत्री खीमीराम शर्मा ने कहा कि उन्होंने 2017 में पार्टी हाईकमान से टिकट कटने का कारण पूछा था। लेकिन उन्हें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। वर्षों से पार्टी के लिए निष्ठापूर्ण कार्य करने के बाद किसी कार्यकर्ता से ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं थी।
..चौधरी/बलदेव
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लंबे समय से खामोश चल रहे खीमीराम ने अपने पुराने करीबियों से मंत्रणा के लिए एक सितंबर को भुंतर स्थित अपने आवास में बैठक बुलाई है। 2017 के विस चुनावों में उनका टिकट कटने के बाद यहां का राजनीतिक केंद्र बदल गया था। वर्षों तक कुल्लू के राजघराने, भुट्टी कॉलोनी और भुंतर से चलने वाली बंजार की राजनीति का नया केंद्र बंजार उपमंडल मुख्यालय बन गया। 40 वर्षों के बाद स्थानीय नेता को टिकट मिलने से 2017 में सुरेंद्र शौरी ने यहां से जीत दर्ज की थी। एक बार जिप अध्यक्ष, दो बार बंजार के विधायक, एक बार विस उपाध्यक्ष, दो बार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और एक बार वन मंत्री रहे खीमीराम शर्मा अब भाजपा में हाशिये पर है। गौर रहे कि खीमीराम शर्मा पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के खासे करीबी माने जाते है। तीन धड़ों में बंटी बंजार भाजपा में खीमीराम की बढ़ती सक्रियता से घमासान होने के आसार हैं। पूर्व वन मंत्री खीमीराम शर्मा ने कहा कि उन्होंने 2017 में पार्टी हाईकमान से टिकट कटने का कारण पूछा था। लेकिन उन्हें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। वर्षों से पार्टी के लिए निष्ठापूर्ण कार्य करने के बाद किसी कार्यकर्ता से ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं थी।
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..चौधरी/बलदेव