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Kullu News: कुल्लू के देवी-देवता स्वर्ग प्रवास पर रवाना
Mon, 15 Dec 2025 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 15 Dec 2025 10:52 PM IST
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दो महीने तक नहीं होंगी देवी देवताओं की पूजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। जिले के देवालयों में दो महीने के लिए सनाटा पसर गया है। इसी के साथ शुभ कार्यों पर भी पाबंदी लग गई है। मान्यता है कि इस दौरान स्वर्ग प्रवास पर निकले सैकड़ों देवी-देवता राजा इंद्र के दरबार में अपने अपने क्षेत्र की खुशहाली के लिए मंत्रणा करेंगे।
प्रमुख देवता जहां करीब दो माह बाद अपने क्षेत्र को लौटेंगे जबकि कुछ देवता एक माह बाद स्वर्ग से वास लौटेंगे। लिहाजा, इस दौरान जिले के अधिकतर क्षेत्रों में शादी और अन्य शुभ कार्यों पर विराम लग गया है।
कहा जाता है कि देवता आगामी माह तक देव राज इंद्र के साथ मंत्रणा करते हैं। अपने-अपने क्षेत्र की खुशहाली के लिए शक्ति ग्रहण कर के क्षेत्र के लोगों को आशीर्वाद देते हैं। गौरतलब है कि प्रति वर्ष पौष मास शुरू होते ही जिले के देवी-देवताओं को लाल वस्त्रों से ढक दिया है। साथ में देवी-देवताओं के मंदिरों के कपाट भी बंद हो गए हैं। इस दौरान देवता के नाम पर कोई भी कार्यक्रम नहीं होते हैं। कुछ स्थानों में मकर संक्रांति के दिन थोड़ी देर के लिए देवरथों से लाल कपड़ों को हटा दिया जाता है। देवी-देवताओं के मंदिरों के कपाट फाल्गुन की संक्रांति को खोलेंगे। देवी-देवता के कारकून विश्व देव शर्मा, रोशन लाल शर्मा, चेतन शर्मा, टेढ़ी सिंह नेगी, लीला धर शर्मा, उत्तम शर्मा आदि ने बताया कि पौष मास की संक्रांति को शुभ मुहूर्त में देवरथों को ढक दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। जिले के देवालयों में दो महीने के लिए सनाटा पसर गया है। इसी के साथ शुभ कार्यों पर भी पाबंदी लग गई है। मान्यता है कि इस दौरान स्वर्ग प्रवास पर निकले सैकड़ों देवी-देवता राजा इंद्र के दरबार में अपने अपने क्षेत्र की खुशहाली के लिए मंत्रणा करेंगे।
प्रमुख देवता जहां करीब दो माह बाद अपने क्षेत्र को लौटेंगे जबकि कुछ देवता एक माह बाद स्वर्ग से वास लौटेंगे। लिहाजा, इस दौरान जिले के अधिकतर क्षेत्रों में शादी और अन्य शुभ कार्यों पर विराम लग गया है।
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कहा जाता है कि देवता आगामी माह तक देव राज इंद्र के साथ मंत्रणा करते हैं। अपने-अपने क्षेत्र की खुशहाली के लिए शक्ति ग्रहण कर के क्षेत्र के लोगों को आशीर्वाद देते हैं। गौरतलब है कि प्रति वर्ष पौष मास शुरू होते ही जिले के देवी-देवताओं को लाल वस्त्रों से ढक दिया है। साथ में देवी-देवताओं के मंदिरों के कपाट भी बंद हो गए हैं। इस दौरान देवता के नाम पर कोई भी कार्यक्रम नहीं होते हैं। कुछ स्थानों में मकर संक्रांति के दिन थोड़ी देर के लिए देवरथों से लाल कपड़ों को हटा दिया जाता है। देवी-देवताओं के मंदिरों के कपाट फाल्गुन की संक्रांति को खोलेंगे। देवी-देवता के कारकून विश्व देव शर्मा, रोशन लाल शर्मा, चेतन शर्मा, टेढ़ी सिंह नेगी, लीला धर शर्मा, उत्तम शर्मा आदि ने बताया कि पौष मास की संक्रांति को शुभ मुहूर्त में देवरथों को ढक दिया गया है।
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