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खतरे से खाली नहीं है रोहतांग होकर वाहनों में सफर करना
कुल्लू
Updated Sat, 09 Apr 2016 07:49 PM IST
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रोहतांग दर्रे के समीप सड़क पर बर्फ में फसे वाहन को निकलने में जुटे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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रोहतांग दर्रा होकर वाहनों में सफर करना अभी जोखिम भरा है। बीते शुक्रवार करीब एक दर्जन वाहन आधी रात करीब दो बजे तक रोहतांग दर्रा के बर्फीली हवाओं के बीच फंसे रहे। मनाली से लाहौल की तरफ निकली 24 टैक्सियां शनिवार को फिर पांच घंटे तक रोहतांग दर्रा से दो मोड़ नीचे फंसी रहे। रोहतांग दर्रा होकर छोटे वाहनों से आवाजाही करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम और तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर हेलीकॉप्टर सेवा भी ठप हो गई है।
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शुक्रवार सुबह चार बजे मनाली से निकले वाहन मालिक दोरजे, रमेश, अमर ने बताया कि करीब 24 वाहन रोहतांग दर्रा के समीप दोपहर चार बजे तक बर्फीली तूफान में फंसे रहे। सीमा सड़क संगठन ओर अन्य यात्रियों की मदद से वह लोग कड़ी मशक्त के बाद वहां से निकलने में कामयाब हुए। दोरजे ठाकुर ने बताया कि बर्फीले तूफान के कारण सड़क मार्ग पर बर्फ की मोटी चादर बिछ जाने से फोर बाई फोर वाहनों का चलना भी मुश्किल हो गया है।
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टैक्सी मालिक अमर ने बताया कि शुक्रवार को मनाली से निकले करीब 10 वाहन आधी रात दो बजे तक रोहतांग दर्रा में फंसे रहे। शुक्रवार को महज पांच वाहनों ने ही दर्रा पार किया। लाहौल पहुंचे यात्री दोरजे, अमित, राकेश ने बताया कि रोहतांग दर्रा होकर सफर करना अभी बेहद जोखिम भरा है। प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य जवाहर शर्मा ने कहा कि जब तक रोहतांग दर्रे पर ट्रैफिक सामान्य नहीं हो जाता जनजातीय क्षेत्रों के लिए नियमित हेलीकाप्टर सेवा जारी रखना चाहिए। वहीं सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि तेज हवाओं के कारण सड़क पर रोजाना बर्फ की चादर बिछ रही है। जिसके कारण वाहनों की आवाजाही में दिक्कत पेश आ रही हैं। इसके लिए संगठन ने रोहतांग के आस-पास मशीनों को तैनात किया है।
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