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तपोवन में तबदील होगी रघुनाथ की नगरी
कुल्लू
Updated Sat, 01 Oct 2016 10:15 PM IST
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Padnoi Devta
- फोटो : अमर उजाला
देवी-देवताओं के महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के दौरान भगवान रघुनाथ की नगरी तपोवन में तबदील हो जाएगी। देवी देवताओं की पूजा अर्चना के दौरान पूरा वातावरण खुशबू से महक उठेगा। झारी, धड़छ, घंटी, शहनाई, ढोल, नगाड़ों, करनाल व नरसिंगों की स्वरलहरियों से जिला मुख्यालय ढालपुर का नजारा देखते ही बनता है। इसके भव्य एवं ऐतिहासिक क्षण के लाखों लोग साक्षी बनेंगे। वहीं सैकड़ों देशी-विदेशी पर्यटक भी इस शानदार व अलौकिक दृश्य को अपने कैमरे में कैद करेंगे। खास बात है कि दशहरा में आने वाले सैकड़ों देवी देवताओं के मुख्य कारकून दशहरा उत्सव के सात दिनों तक अस्थायी शिविरों में तपस्वियों की तरह जीवन यापन करेंगे।
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देव नियमों के बंधे होने के कारण देवता के कारकून देवता के तंबुओं में ही बनी चाय और खाना को ही ग्रहण करते हैं। इस साल दशहरा में गत वर्षों के मुकाबले अधिक देवी देवताओं के पहुंचने उम्मीद है। देव समाज दशहरा में देवी देवताओं की संख्या करीब 250 तक पहुंचने की उम्मीद लगा रहा है। हालांकि उत्सव में 225 से 235 के बीच देवी देवता अपनी हाजिरी भरते आए हैं, लेकिन इस साल दशहरा उत्सव समिति ने 292 देवी देवतों के बजाए 305 देवताओं को आमंत्रित किया है। जिला देवी देवता कारदार संघ के सह सचिव भागे राम राणा ने कहा कि दशहरा में जिला मुख्यालय में जिला भर के सैकड़ों देवी देवता उत्सव की शोभा बढ़ाते हैं और देवता के मुख्य कारकून खासकर गूर व पुजारी दशहरा में देव नियमों के अनुसार ही काम करते हैं। इन लोगों को देवता के अस्थायी शिविरों में ही खाना परोसा जाता है।
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