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Kullu News: जियाह वाटरफाल... सुना ही था, जब देखा तो बस देखते ही रह गए
Mon, 16 Jun 2025 11:18 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 16 Jun 2025 11:18 PM IST
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दिल्ली के सैलानी बोले- ऊंचे पहाड़ों से पत्थरों के बीच गिरता पानी मोह रहा मन
बोले- दोस्तों और परिजनों को भी वीडियो भेजकर घूमने के लिए कुल्लू बुलाया
महेंद्र पालसरा
सैंज/न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी के जियाह वाटरफाल को देखते ही मन गदगद हो गया। पहले कभी इतने ऊंचे पहाड़ों से पत्थरों के बीच गिरता पानी का झरना नहीं देखा था। इतनी ऊंचाई से गिरता पानी मन मोह रहा है। इस भव्य नजारे के वीडियो भी बनाए हैं।
ये वीडियो अपने दोस्तों और परिजनों को भेजकर उन्हें भी घूमने के लिए कुल्लू आने को कहा है। यह कहना है दिल्ली से आए पर्यटक आशुतोष, मोहित, सिमरन और सुहू का। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी के मुकाबले कुल्लू का मौसम बहुत सुहाना है। तापमान भी बेहद कम है। उन्होंने कहा कि जब वे सैंज घाटी में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें जियाह वाटरफाल के बारे में बताया। जब वे वाटरफाल पहुंचे तो इसे निहारते ही रह गए।
गौरतलब है कि सैंज घाटी नए टूरिस्ट पॉइंट के रूप में उभरी है। पर्यटकों को यहां सुंदर और शांत वातावरण मिल रहा है। वैसे तो सैंज घाटी में कई धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं, लेकिन इन दिनों पर्यटक जियाह वाटरफाल का रुख कर रहे हैं। रोजाना 250 से 300 पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। झरने के नीचे पानी में उतरकर खूब अठखेलियां कर रहे हैं।
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ढाबों पर मेहमानों को परोसे जा रहे पारंपरिक व्यंजन
जियाह में पर्यटकों की संख्या सैकड़ों में पर्यटकों के आने से ग्रामीणों के लिए रोजगार के द्वार खुल गए हैं। ग्रामीण ढाबा चलाकर सैलानियों के लिए कुल्लू के पारंपरिक और लजीज व्यंजन परोस रहे हैं। ग्रामीण अशोक, लालचंद, मोहन लाल, आलम चंद ने कहा कि कुल्लू-मनाली के साथ पर्यटक सैंज का भी रुख कर रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से सैंज के पर्यटन स्थलों तक सड़कों और रास्तों की मरम्मत करने की मांग की है।
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बोले- दोस्तों और परिजनों को भी वीडियो भेजकर घूमने के लिए कुल्लू बुलाया
महेंद्र पालसरा
सैंज/न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी के जियाह वाटरफाल को देखते ही मन गदगद हो गया। पहले कभी इतने ऊंचे पहाड़ों से पत्थरों के बीच गिरता पानी का झरना नहीं देखा था। इतनी ऊंचाई से गिरता पानी मन मोह रहा है। इस भव्य नजारे के वीडियो भी बनाए हैं।
ये वीडियो अपने दोस्तों और परिजनों को भेजकर उन्हें भी घूमने के लिए कुल्लू आने को कहा है। यह कहना है दिल्ली से आए पर्यटक आशुतोष, मोहित, सिमरन और सुहू का। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी के मुकाबले कुल्लू का मौसम बहुत सुहाना है। तापमान भी बेहद कम है। उन्होंने कहा कि जब वे सैंज घाटी में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें जियाह वाटरफाल के बारे में बताया। जब वे वाटरफाल पहुंचे तो इसे निहारते ही रह गए।
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गौरतलब है कि सैंज घाटी नए टूरिस्ट पॉइंट के रूप में उभरी है। पर्यटकों को यहां सुंदर और शांत वातावरण मिल रहा है। वैसे तो सैंज घाटी में कई धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं, लेकिन इन दिनों पर्यटक जियाह वाटरफाल का रुख कर रहे हैं। रोजाना 250 से 300 पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। झरने के नीचे पानी में उतरकर खूब अठखेलियां कर रहे हैं।
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ढाबों पर मेहमानों को परोसे जा रहे पारंपरिक व्यंजन
जियाह में पर्यटकों की संख्या सैकड़ों में पर्यटकों के आने से ग्रामीणों के लिए रोजगार के द्वार खुल गए हैं। ग्रामीण ढाबा चलाकर सैलानियों के लिए कुल्लू के पारंपरिक और लजीज व्यंजन परोस रहे हैं। ग्रामीण अशोक, लालचंद, मोहन लाल, आलम चंद ने कहा कि कुल्लू-मनाली के साथ पर्यटक सैंज का भी रुख कर रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से सैंज के पर्यटन स्थलों तक सड़कों और रास्तों की मरम्मत करने की मांग की है।