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खराहल में बिना सिंचाई खेत सूखे

Tue, 15 Dec 2015 10:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू Updated Tue, 15 Dec 2015 10:03 PM IST
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Irrigation scheme not working

घाटी के दर्जनों गांवों को सिंचाई के लिए पानी मुहैया करवाने वाली न्योली थरमाण उठाऊ सिंचाई योजना की कई सालों से सुध नहीं ली जा रही है। हालत यह है कि योजना की मुख्य पाइपें कई जगह से टूट चुकी हैं। वहीं, क्षेत्र में पक्की कूहलों का निर्माण भी नहीं हो पाया है। ऐसे में खेतों तक भरपूर पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। इसके चलते किसानों को भारी परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।

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जिले में कृषि योग्य भूमि 65186 हेक्टेयर है। लेकिन, महज 2870 हेेक्टेयर भूमि को ही सिंचाई सुविधा मिल पाई है। अधिकतर सिंचाई योजनाओं की अनदेखी के चलते किसान सिंचाई सुविधा से महरूम हैं। खराहल घाटी की सिंचाई योजना भी इनमें से एक है। खराहल घाटी की न्योली थरमाण उठाऊ सिंचाई योजना 1989-90 में शुरू हुई थी। करीब डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी योजना की सुध नही ली गई। उधर, सेउबाग उठाऊ सिंचाई योजना का भी यही हाल है। इसकी कूहलें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। पंप भी बार-बार खराब होता रहता है।
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घाटी के किसानों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार विभाग को शिकायत भी की लेकिन इसके बावजूद समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया है। कृषि विकास संघ के प्रधान संजीव महंत, उप प्रधान जयचंद ठाकुर, सचिव अमित ठाकुर, किसान दुनी चंद, केहर सिंह, यशपाल राणा, कर्मचंद, जोगराज, नीशू महंत ने पुरानी तथा क्षतिग्रस्त पाइपों तथा पक्की कूहलों की निर्माण करने की मांग की है। आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता सेसराम आजाद ने कहा कि योजना की पाइपें नई सिरे से लगाई जाएंगी। इसके लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। धन का प्रावधान होने पर जल्द इसे नए सिरे से बनाया जाएगा।

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