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विरोध करना है तो जंतर-मंतर पर जाएं, लोगों को भ्रमित न करें दोगले नेता : सुंदर

Mon, 21 Jul 2025 10:14 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Mon, 21 Jul 2025 10:14 PM IST
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If you want to protest, go to Jantar Mantar, double-faced leaders should not confuse people: Sundar
बोले- चंसारी पंचायत ने 2018 में दी थी बिजली महादेव रोपवे के लिए एनओसी
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कहा- शलाधरा सड़क के लिए नहीं दी थी एनओसी, तब उनके लिए देवता खुश थे
देवता को आगे कर खोई हुई जमीन को वापस पाने की कोशिश कर रहे दोगले नेता
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने बिजली महादेव रोपवे का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लिया है। सोमवार को कुल्लू में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि बिजली महादेव रोपवे का काम शुरू ही नहीं होता, अगर चंसारी पंचायत की ओर वर्ष 2018 में एनओसी नहीं दी गई होती।
गोभा से शलाधरा सड़क के लिए एनओसी मांगी गई तो नहीं दी गई थी, लेकिन रोपवे के लिए दे दी। तब उनके लिए देवता खुश थे।
उन्हों ने कहा कि बिजली महादेव रोपवे प्रोजेक्ट में हिमाचल सरकार का एक प्रतिशत भी हिस्सा नहीं है। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है। अगर विरोध करना है तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाएं। यहां की जनता को भ्रमित न करें। इन दोगले नेताओं की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने कहा कि देवता की आड़ में देवता को आगे कर दोगले नेता अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं।
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जो लोग कह रहे हैं कि 67 पेड़ कटे हैं, 203 कटने हैं जिनकी पेमेंट हुई है। भाजपा सरकार में वर्ष 2009-2010 में 1344 पेड़ बिजली महादेव क्षेत्र में काटे गए। उस समय किसी ने आवाज नहीं उठाई। भाजपा के पूर्व सांसद ने मिशन रिपीट के लिए बिजली महादेव रोपवे लगने की बात कही थी। मंदिर कमेटी की ओर से भी प्रस्ताव दिया गया था। इसमें कमेटी ने देवता के सामान को मुफ्त ले जाने की बात भी कही थी। भाजपा के पूर्व सांसद पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी वालों के कहने पर भूमि पूजन में जाकर हिस्सा लेते हैं। जनता को भ्रमित कर रहे हैं- मैं तो विरोध में गया था। उन्होंने विरोध करने वाले नेताओं को चुनौती दी कि मेरे सामने आएं आज तक इन्होंने आंखें क्यों बंद की थीं। पंचायत ने एनओसी क्यों दी, पेड़ क्योंं काटे गए।
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