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Kullu News: नदी-नालों के तट पर गए तो होगी आठ दिन की जेल, जुर्माना भी होगा
Sat, 27 Dec 2025 10:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 27 Dec 2025 10:48 PM IST
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पर्यटकों के लिए कुल्लू के संवेदनशील इलाकों में प्रवेश करने पर लगाया प्रतिबंध
नियमों का उल्लंघन करने पर जेल के साथ 1,000 से 5,000 तक होगा जुर्माना
नववर्ष, पर्यटन सीजन में पर्यटकों की भीड़ को देख उपायुक्त ने जारी किए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में शीतकालीन पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी-नालों के संवेदनशील इलाकों में पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
नियमों का उल्लंघन करने पर 8 दिन का कारावास और 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक जुर्माना किया जाएगा। यह आदेश उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 111 के अंतर्गत जारी किए हैं।
ये आदेश विशेष रूप से नववर्ष और पीक विंटर टूरिस्ट सीजन के दौरान बढ़ती पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए लागू किए गए हैं। शीतकालीन मौसम में कई पर्यटक फोटोग्राफी, सेल्फी और मनोरंजन गतिविधियों के लिए नदी के तटों और नदी के बीच प्रवेश करते हैं। विशेषकर बजौरा से सोलंगनाला, भुंतर से मणिकर्ण और बंजार उपमंडल में तीर्थन खड्ड के आसपास ऐसे मामले सामने आए हैं। जिला प्रशासन समय-समय पर चेतावनी जारी करता है। बावजूद इसके लोग जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार सर्दियों में ऊपरी क्षेत्रों से अचानक पानी छोड़े जाने, जलविद्युत परियोजनाओं से डिस्चार्ज, बर्फ जमने, फिसलन भरे तट, कम तापमान एवं धीमी प्रतिक्रिया क्षमता के कारण दुर्घटनाओं और डूबने का खतरा बढ़ जाता है। पहले भी ऐसे क्षेत्रों में प्रवेश के कारण जान-माल की हानि की घटनाएं हो चुकी हैं। इसी देखते हुए जन सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मानव जीवन की रक्षा के उद्देश्य से आदेश जारी किए गए हैं।
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आदेश के तहत केवल प्राधिकृत साहसिक गतिविधियों या आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही प्रवेश मान्य होगा। आदेशों का अवहेलना करने वालों के विरुद्ध हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 115 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें अधिकतम 8 दिन का कारावास अथवा न्यूनतम 1,000 से लेकर 5,000 रुपये का जुर्माना या दोनों शामिल हो सकते हैं। उपायुक्त ने कहा कि यह आदेश शीतकालीन पर्यटन सीजन के दौरान आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगा।
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नियमों का उल्लंघन करने पर जेल के साथ 1,000 से 5,000 तक होगा जुर्माना
नववर्ष, पर्यटन सीजन में पर्यटकों की भीड़ को देख उपायुक्त ने जारी किए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में शीतकालीन पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी-नालों के संवेदनशील इलाकों में पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
नियमों का उल्लंघन करने पर 8 दिन का कारावास और 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक जुर्माना किया जाएगा। यह आदेश उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 111 के अंतर्गत जारी किए हैं।
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ये आदेश विशेष रूप से नववर्ष और पीक विंटर टूरिस्ट सीजन के दौरान बढ़ती पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए लागू किए गए हैं। शीतकालीन मौसम में कई पर्यटक फोटोग्राफी, सेल्फी और मनोरंजन गतिविधियों के लिए नदी के तटों और नदी के बीच प्रवेश करते हैं। विशेषकर बजौरा से सोलंगनाला, भुंतर से मणिकर्ण और बंजार उपमंडल में तीर्थन खड्ड के आसपास ऐसे मामले सामने आए हैं। जिला प्रशासन समय-समय पर चेतावनी जारी करता है। बावजूद इसके लोग जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार सर्दियों में ऊपरी क्षेत्रों से अचानक पानी छोड़े जाने, जलविद्युत परियोजनाओं से डिस्चार्ज, बर्फ जमने, फिसलन भरे तट, कम तापमान एवं धीमी प्रतिक्रिया क्षमता के कारण दुर्घटनाओं और डूबने का खतरा बढ़ जाता है। पहले भी ऐसे क्षेत्रों में प्रवेश के कारण जान-माल की हानि की घटनाएं हो चुकी हैं। इसी देखते हुए जन सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मानव जीवन की रक्षा के उद्देश्य से आदेश जारी किए गए हैं।
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आदेश के तहत केवल प्राधिकृत साहसिक गतिविधियों या आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही प्रवेश मान्य होगा। आदेशों का अवहेलना करने वालों के विरुद्ध हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 115 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें अधिकतम 8 दिन का कारावास अथवा न्यूनतम 1,000 से लेकर 5,000 रुपये का जुर्माना या दोनों शामिल हो सकते हैं। उपायुक्त ने कहा कि यह आदेश शीतकालीन पर्यटन सीजन के दौरान आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगा।