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अभी से आरंभ करेंगे तब होगा जीवन में परिवर्तन : सुधांशु महाराज
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साधना धाम घुड़दौड़ में शुरू हुआ ध्यान साधना शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
नग्गर (कुल्लू)। ऊझी घाटी के साधना धाम घुड़दौड़ में मंगलवार को साधना शिविर का शुभारंभ हुआ। यह एक महीने तक चलेगा। इसमें विश्व जागृति मिशन के परमाध्यक्ष पूज्य गुरुदेव सुधांशु महाराज ने साधकों का मार्गदर्शन किया। सुधांशु महाराज साधना धाम शिविर के लिए कुल्लू पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि जीवन में हर बार लगता है कि आने वाले समय में सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा होता नहीं है। जब तक अभी से आरंभ नहीं करेंगे तब तक जीवन में कोई भी परिवर्तन संभव नहीं होगा। उम्र बीत जाने के बाद व्यक्ति पछताता है और अपना स्वर्णिम अवसर को पहचान नहीं पाता है। इसलिए अभी से अपने भविष्य को ठीक और खुद के लिए कार्य करें।
उन्होंने कहा कि कि दुनिया में कीमती तो बहुत सी चीजें हैं लेकिन आपसे ज्यादा कीमती कुछ भी नहीं है। अपने वक्त, सेहत और समय को ध्यान में रखते हुए कीमती जीवन को खराब न करें और निश्चय करें कि क्या करें जिससे अपनी कीमत बनाई जा सके। उन्होंने एक घंटा समय रोज निकालने की सलाह देकर जीवन को बेशकीमती बनाने को कहा। बचे हुए जीवन को सबसे निरोग, स्वस्थ और महत्वपूर्ण बनाकर जीना है। विश्व जागृति मिशन के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री देवराज कटारिया ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान साधक नवीन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
नग्गर (कुल्लू)। ऊझी घाटी के साधना धाम घुड़दौड़ में मंगलवार को साधना शिविर का शुभारंभ हुआ। यह एक महीने तक चलेगा। इसमें विश्व जागृति मिशन के परमाध्यक्ष पूज्य गुरुदेव सुधांशु महाराज ने साधकों का मार्गदर्शन किया। सुधांशु महाराज साधना धाम शिविर के लिए कुल्लू पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि जीवन में हर बार लगता है कि आने वाले समय में सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा होता नहीं है। जब तक अभी से आरंभ नहीं करेंगे तब तक जीवन में कोई भी परिवर्तन संभव नहीं होगा। उम्र बीत जाने के बाद व्यक्ति पछताता है और अपना स्वर्णिम अवसर को पहचान नहीं पाता है। इसलिए अभी से अपने भविष्य को ठीक और खुद के लिए कार्य करें।
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उन्होंने कहा कि कि दुनिया में कीमती तो बहुत सी चीजें हैं लेकिन आपसे ज्यादा कीमती कुछ भी नहीं है। अपने वक्त, सेहत और समय को ध्यान में रखते हुए कीमती जीवन को खराब न करें और निश्चय करें कि क्या करें जिससे अपनी कीमत बनाई जा सके। उन्होंने एक घंटा समय रोज निकालने की सलाह देकर जीवन को बेशकीमती बनाने को कहा। बचे हुए जीवन को सबसे निरोग, स्वस्थ और महत्वपूर्ण बनाकर जीना है। विश्व जागृति मिशन के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री देवराज कटारिया ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान साधक नवीन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। संवाद
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