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मलाणा-2 में हाइड्रो प्रोजेक्ट का शेड, वन संपदा जली
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला कुल्लू में अग्निकांड की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जिला की मणिकर्ण घाटी के मलाणा-2 मेें आग की घटना सामने आई है, जिसमें हाइड्रो प्रोजेक्ट और वन विभाग की संपदा जलकर राख हुई है।
अग्निकांड में करीब 17 लाख का नुकसान हुआ है। घटना में प्रोजेक्ट का 11 कमरों का शेड जलकर राख हुआ है। इसमें रखा सारा सामान आग की भेंट चढ़ा है, जिससे 15 लाख का नुकसान हुआ है। वन विभाग की लगभग दो लाख की वन्य संपदा भी राख हुई है। जानकारी के मुताबिक वीरवार रात करीब साढ़े सात बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली थी। हालांकि पहाड़ी होने के कारण अंधेरे में घटना स्थल पहुंचना संभव नहीं था। आग लगने के कारण पहाड़ी से पत्थर गिर रहे थे, जिसने टीम की दिक्कतें बढ़ा दी। ऐसे में टीम को पूरी रात वहीं रूक कर सुबह होने का इंतजार करना पड़ा। विभागीय टीम ने सोमवार सुबह कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है। टीम ने पसीना बहाते हुए करीब 50 लाख की संपत्ति को राख होने से बचाया है, जिसमें पावर हाउस का डीजी सेट, चादर नुमा 10 शेड, बिजली का पेनल, तारें, जंगल में लगे कायल व चीड़ के हरे पेड़ शामिल हैं। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग के लीडिंग फायरमेन सरणपत विष्ट ने कहा कि आग पर काबू पाया गया है, लेकिन हाइड्रो प्रोजेक्ट 11 कमरों का शेड जल गया है, जिसमें 15 लाख की संपत्ति राख हुई है। वन विभाग को भी दो लाख का नुकसान हुआ है। कहा कि 50 लाख की संपत्ति बचाई गई है।
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कुल्लू। जिला कुल्लू में अग्निकांड की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जिला की मणिकर्ण घाटी के मलाणा-2 मेें आग की घटना सामने आई है, जिसमें हाइड्रो प्रोजेक्ट और वन विभाग की संपदा जलकर राख हुई है।
अग्निकांड में करीब 17 लाख का नुकसान हुआ है। घटना में प्रोजेक्ट का 11 कमरों का शेड जलकर राख हुआ है। इसमें रखा सारा सामान आग की भेंट चढ़ा है, जिससे 15 लाख का नुकसान हुआ है। वन विभाग की लगभग दो लाख की वन्य संपदा भी राख हुई है। जानकारी के मुताबिक वीरवार रात करीब साढ़े सात बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली थी। हालांकि पहाड़ी होने के कारण अंधेरे में घटना स्थल पहुंचना संभव नहीं था। आग लगने के कारण पहाड़ी से पत्थर गिर रहे थे, जिसने टीम की दिक्कतें बढ़ा दी। ऐसे में टीम को पूरी रात वहीं रूक कर सुबह होने का इंतजार करना पड़ा। विभागीय टीम ने सोमवार सुबह कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है। टीम ने पसीना बहाते हुए करीब 50 लाख की संपत्ति को राख होने से बचाया है, जिसमें पावर हाउस का डीजी सेट, चादर नुमा 10 शेड, बिजली का पेनल, तारें, जंगल में लगे कायल व चीड़ के हरे पेड़ शामिल हैं। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग के लीडिंग फायरमेन सरणपत विष्ट ने कहा कि आग पर काबू पाया गया है, लेकिन हाइड्रो प्रोजेक्ट 11 कमरों का शेड जल गया है, जिसमें 15 लाख की संपत्ति राख हुई है। वन विभाग को भी दो लाख का नुकसान हुआ है। कहा कि 50 लाख की संपत्ति बचाई गई है।
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