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बीस साल पुरानी खटारों बसों को बदलेगा एचआरटीसी
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फरेंद्र ठाकुर
कुल्लूू। हिमाचल पथ परिवहन निगम कुल्लू अब 20 साल से सड़कों पर दौड़ रही खटारों बसों को बदलेगा। एचआरटीसी ने कुल्लू, पर्यटन नगरी मनाली व बंजार समेत अन्य बस अड्डों से खटारा बसों की रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद पथ परिवहन निगम प्रदेश सरकार को नई बसों की मांग भेजेगा। सात नई बसों को खटारा बसों की जगह चलाया जाएगा। बस में सफर करवाने वाले मुसाफिरों को इसकी मिलेगी।
पथ परिवहन निगम कुल्लू के अनुसार जिले को छह एसी बस समेत कुल 13 बसें मिलेगी। इनमें चार बसें 47 और तीन बसें 37 सीटर होगी। इन बसों में अच्छी और आरामदायक सीटों समेत हैंडल की बढ़िया सुविधा होगी। ये बसें अगले माह तक कुल्लू पहुंचने की उम्मीद है। बता दें कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की तंग सड़कों पर पिछले कई सालों से 18 से 20 साल पुरानी खटारा बसों को दौड़ाया जा रहा है। इससे हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। अब मुसाफिर की सुरक्षा को लेकर निगम ने बसों को बदलने का कदम उठाया है। जिले में एचआरटीसी के पास कुल 186 बसें है, जिनमें लगभग 20 बसें 18 से 20 साल पुरानी है। ग्रामीण सुरेश कुमार, हेमंत शर्मा, दिनेश कुमार, भीमसेन, सेस राम, आलम चंद ने कहा कि पुरानी खटारा बसों को हटाने से हादसे का खतरा कम हो जाएगा। संवाद
पांच साल बाद मिलेगी 47 सीटर बसें
एचआरटीसी कुल्लू को पांच साल बाद चार 47 सीटर बसें मिलेगी। एचआरटीसी प्रबंधन 47 सीटर बसों को उन दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों पर चलाएगा, जहां तंग सड़कें हैं। तंग सड़कों पर 52 सीटर बसों को नहीं भेजा जा सकता है। अब इन बसों के मिलने के लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी। एचआरटीसी के पास 47 सीटर बसों को अभाव है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों पर अतिरिक्त बसों को चलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बसों का अभाव होने से समस्या का समाधान नहीं हो रहा था।
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मुसाफिरों की सुरक्षा के लिए लिया फैसला : डीके
पथ परिवहन निगम कुल्लू के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने बताया कि जिले के सभी बस अड्डों से 18 से 20 साल पुरानी बसों की रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद उच्चाधिकारियों व सरकार को बसों की मांग भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि नई आ रही बसों को पुरानी बसों के स्थान पर चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में मुसाफिरों की सुरक्षा को लेकर निगम ने यह फैसला लिया है।
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कुल्लूू। हिमाचल पथ परिवहन निगम कुल्लू अब 20 साल से सड़कों पर दौड़ रही खटारों बसों को बदलेगा। एचआरटीसी ने कुल्लू, पर्यटन नगरी मनाली व बंजार समेत अन्य बस अड्डों से खटारा बसों की रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद पथ परिवहन निगम प्रदेश सरकार को नई बसों की मांग भेजेगा। सात नई बसों को खटारा बसों की जगह चलाया जाएगा। बस में सफर करवाने वाले मुसाफिरों को इसकी मिलेगी।
पथ परिवहन निगम कुल्लू के अनुसार जिले को छह एसी बस समेत कुल 13 बसें मिलेगी। इनमें चार बसें 47 और तीन बसें 37 सीटर होगी। इन बसों में अच्छी और आरामदायक सीटों समेत हैंडल की बढ़िया सुविधा होगी। ये बसें अगले माह तक कुल्लू पहुंचने की उम्मीद है। बता दें कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की तंग सड़कों पर पिछले कई सालों से 18 से 20 साल पुरानी खटारा बसों को दौड़ाया जा रहा है। इससे हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। अब मुसाफिर की सुरक्षा को लेकर निगम ने बसों को बदलने का कदम उठाया है। जिले में एचआरटीसी के पास कुल 186 बसें है, जिनमें लगभग 20 बसें 18 से 20 साल पुरानी है। ग्रामीण सुरेश कुमार, हेमंत शर्मा, दिनेश कुमार, भीमसेन, सेस राम, आलम चंद ने कहा कि पुरानी खटारा बसों को हटाने से हादसे का खतरा कम हो जाएगा। संवाद
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पांच साल बाद मिलेगी 47 सीटर बसें
एचआरटीसी कुल्लू को पांच साल बाद चार 47 सीटर बसें मिलेगी। एचआरटीसी प्रबंधन 47 सीटर बसों को उन दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों पर चलाएगा, जहां तंग सड़कें हैं। तंग सड़कों पर 52 सीटर बसों को नहीं भेजा जा सकता है। अब इन बसों के मिलने के लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी। एचआरटीसी के पास 47 सीटर बसों को अभाव है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों पर अतिरिक्त बसों को चलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बसों का अभाव होने से समस्या का समाधान नहीं हो रहा था।
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मुसाफिरों की सुरक्षा के लिए लिया फैसला : डीके
पथ परिवहन निगम कुल्लू के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने बताया कि जिले के सभी बस अड्डों से 18 से 20 साल पुरानी बसों की रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद उच्चाधिकारियों व सरकार को बसों की मांग भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि नई आ रही बसों को पुरानी बसों के स्थान पर चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में मुसाफिरों की सुरक्षा को लेकर निगम ने यह फैसला लिया है।