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Kullu News: ऐतिहासिक नग्गर कैसल का होगा जीर्णोद्धार, पर्यटकों के लिए द्वार बंद
Sat, 23 Aug 2025 06:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 23 Aug 2025 06:11 AM IST
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नगर कैसल दो साल तक पर्यटको के लिए रहेगा बंद।-संवाद
हरिपुर/नग्गर (कुल्लू)। जिले की ऊझी घाटी के नग्गर में स्थित ऐतिहासिक कैसल के द्वार स्थानीय समेत देश और विदेश के पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं। कैसल का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके लिए इसे खाली करना आरंभ कर दिया गया है।
ऐसे में इसमें पर्यटन से जुड़ी कोई भी गतिविधि नहीं होगी। वहीं इसमें आगामी दो सालों तक लाइट, कैमरा व एक्शन की आवाज भी नहीं गूंजेगी। गौरतलब है कि पर्यटन विभाग ऐतिहासिक नग्गर कैसल का जीर्णोद्धार कर रहा है। इस कार्य में कम से कम दो साल का समय लगने का अनुमान है। काम जल्दी और बिना रुकावट हो, इसके लिए कैसल में होने वाली तमाम गतिविधियों को आगामी दो सालों के लिए बंद कर दिया गया है। इस वजह से देश-विदेश के पर्यटक अब कुल्लू की काष्ठकुणी शैली से रूबरू नहीं होंगे।
हालांकि पिछले काफी समय से कैसल के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया चल रही थी। अब इसे पूरा कर कैसल को जीर्णोद्धार का काम पूरा न होने तक बंद कर दिया गया है। कैसल के जीर्णोद्धार पर करीब 11 करोड़ का बजट खर्च किया जा रहा है।
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इस संबंध में पर्यटन विभाग के डीजीएम बीएस ओक्टा ने कहा कि ऐतिहासिक कैसल का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस वजह से आगामी दो सालों तक पर्यटन समेत हर तरह की गतिविधि पर रोक रहेगी। संवाद
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ऐसे में इसमें पर्यटन से जुड़ी कोई भी गतिविधि नहीं होगी। वहीं इसमें आगामी दो सालों तक लाइट, कैमरा व एक्शन की आवाज भी नहीं गूंजेगी। गौरतलब है कि पर्यटन विभाग ऐतिहासिक नग्गर कैसल का जीर्णोद्धार कर रहा है। इस कार्य में कम से कम दो साल का समय लगने का अनुमान है। काम जल्दी और बिना रुकावट हो, इसके लिए कैसल में होने वाली तमाम गतिविधियों को आगामी दो सालों के लिए बंद कर दिया गया है। इस वजह से देश-विदेश के पर्यटक अब कुल्लू की काष्ठकुणी शैली से रूबरू नहीं होंगे।
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हालांकि पिछले काफी समय से कैसल के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया चल रही थी। अब इसे पूरा कर कैसल को जीर्णोद्धार का काम पूरा न होने तक बंद कर दिया गया है। कैसल के जीर्णोद्धार पर करीब 11 करोड़ का बजट खर्च किया जा रहा है।
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इस संबंध में पर्यटन विभाग के डीजीएम बीएस ओक्टा ने कहा कि ऐतिहासिक कैसल का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस वजह से आगामी दो सालों तक पर्यटन समेत हर तरह की गतिविधि पर रोक रहेगी। संवाद