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Kullu News: स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने के लिए नीति बनाए सरकार

Mon, 12 Feb 2024 11:02 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Feb 2024 11:02 PM IST
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Government should make policy to fill vacant posts of teachers in schools
कुल्लू/उदयपुर। प्रदेश सरकार 17 फरवरी का अपना बजट पेश करेगी। इस बजट पर सभी वर्गों की निगाहें हैं। अभिभावक भी बजट पर उम्मीद लगाए बैठे हैं। अभिभावक चाहते हैं कि बजट में शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा धनराशि का प्रावधान किया जाए। स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के रिक्त पड़े पदों को भरा जाए।
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अभिभावकों का कहना है कि स्कूल से लेकर कॉलेजों तक शिक्षक न होने से विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें दूसरे स्कूलों में भेजने पर अभिभावक मजबूर हैं। जिले में कई स्कूल ऐसे हैं जहां कई सालों से महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। अब विद्यार्थियों से लेकर अभिभावकों को बजट में उम्मीद है कि सरकार शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए नीति बनाएगी। संवाद
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शीतकालीन विद्यालय खुल चुके हैं। ऐसे में सरकार से आग्रह है कि विद्यालय में शिक्षकों के खाली चल रहे पदों को अति शीघ्र भरा जाए। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और बच्चों का सरकारी स्कूलों से पलायन रोका जा सके।
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-परस चौहान, अध्यक्ष, स्कूल प्रबंधन समिति
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स्कूलों में रिक्त पदों से विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर खासे चिंतित है। सिहण स्कूल में शिक्षकों के आठ पद रिक्त चले हुए हैं। बजट में घोषणा हो कि नए सत्र में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा।
-रोशन लाल, अध्यक्ष, एसएमसी सिहण स्कूल
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शिक्षण संस्थान में मुखिया का होना बेहद जरूरी है। लाहौल घाटी में 19 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें कोलंग, लोट, त्रिलोकनाथ, तिंदी, तिंगरेट, चिमरेट और सलग्रां में प्रधानाचार्य के पद खाली चल रहे हैं। शिक्षकों के पद भी भरे जाने चाहिए।

-प्रेम भगत, अभिभावक, जुंडा गांव, लाहौल
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शिक्षकों की कमी प्राथमिक स्कूलों से लेकर काॅलेज तक है। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए दूसरे स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं।
-टेक सिंह, अभिभावक
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