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Kullu News: महाशिवरात्रि पर शिवालयों में नहीं मिलेगा घोटा प्रसाद
Wed, 26 Feb 2025 06:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 26 Feb 2025 06:57 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
मनाली (कुल्लू)। नशे के खिलाफ छेड़े गए अभियान में अब देव समाज भी आगे आ गया है। इस बार महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवालयों में भांग का घोटा प्रसाद नहीं बनेगा। सियाल और सियाली महादेव मंदिर मनाली बाजार समेत ब्राण गांव के नीलकंठ महादेव मंदिर में भी घोटा की जगह खीर, फल आदि का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
हर साल महाशिवरात्रि पर शिवालयों में भांग का घोटा बनाया जाता था, जिसे हजारों भक्त प्रसाद के रूप में ग्रहण करते थे। मगर इस वर्ष सामाजिक चेतना के तहत घोटा न बनाने का निर्णय लिया गया है। खासतौर पर नीलकंठ महादेव मंदिर ब्राण में पहली बार इस परंपरा को बदला गया है। वहां इस साल भक्तों को साबुदाने की खीर बांटी जाएगी।
सियाली महादेव मंदिर और सियाल में भी इसी परंपरा को अपनाने का निर्णय लिया गया है। सियाली महादेव के कारदार जयचंद ठाकुर ने बताया कि सियाल और बनसारी गांव के लोगों की बैठक में यह फैसला लिया गया कि चिट्टा और अन्य घातक नशों के खिलाफ जो अभियान चल रहा है, उसे मजबूती देने के लिए घोटा बांटने की परंपरा भी समाप्त की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने एकमत होकर इस बार घोटा नहीं बनाने का निर्णय लिया।उन्होंने कहा कि बाजार और सियाल दोनों ही शिव मंदिरों में घोटा नहीं बनेगा। भक्तों को खीर, फल और अन्य प्रसाद बांटा जाएगा।
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हर साल महाशिवरात्रि पर शिवालयों में भांग का घोटा बनाया जाता था, जिसे हजारों भक्त प्रसाद के रूप में ग्रहण करते थे। मगर इस वर्ष सामाजिक चेतना के तहत घोटा न बनाने का निर्णय लिया गया है। खासतौर पर नीलकंठ महादेव मंदिर ब्राण में पहली बार इस परंपरा को बदला गया है। वहां इस साल भक्तों को साबुदाने की खीर बांटी जाएगी।
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सियाली महादेव मंदिर और सियाल में भी इसी परंपरा को अपनाने का निर्णय लिया गया है। सियाली महादेव के कारदार जयचंद ठाकुर ने बताया कि सियाल और बनसारी गांव के लोगों की बैठक में यह फैसला लिया गया कि चिट्टा और अन्य घातक नशों के खिलाफ जो अभियान चल रहा है, उसे मजबूती देने के लिए घोटा बांटने की परंपरा भी समाप्त की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने एकमत होकर इस बार घोटा नहीं बनाने का निर्णय लिया।उन्होंने कहा कि बाजार और सियाल दोनों ही शिव मंदिरों में घोटा नहीं बनेगा। भक्तों को खीर, फल और अन्य प्रसाद बांटा जाएगा।
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