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वन विभाग के कर्मचारी नहीं ले सकेंगे छुट्टियां
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राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिला कुल्लू में वन विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां दो माह के लिए रद्द कर दी गई हैं। कर्मचारी आपात स्थिति में ही छुट्टी ले सकेंगे। सर्दी के दिनों में जिले में फायर सीजन शुरू हो जाता है। जंगलों, वन्य जीवों और वनस्पति को आग से बचाने के लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
इसके लिए विभाग ने हर वन बीट में छह सदस्यों की टीमों का गठन किया है। इसमें वनरक्षक के साथ स्थानीय बीट के पांच स्वयंसेवी शामिल किए गए हैं। छह सदस्यों की टीम जंगलों को आग के हवाले करने वालों पर नजर रखेगी।
बता दें कि नवंबर से जिले में फायर सीजन शुरू हो जाता है। कुछ क्षेत्रों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। ऐसे में वन संपदा को आग से बचाने के लिए विभाग ने वन मंडल स्तर पर सभी कर्मचारियों की छुट्टियां 31 दिसंबर तक रद्द कर दी हैं। जिले के करीब 250 अधिकारियों और कर्मचारियों को मुस्तैद रहना होगा।
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इस बार वन विभाग युवक और महिला मंडलों समेत समाजसेवी संस्थाओं का भी मदद ले रहा है। विभाग ने घासनियों और जंगलों में आग लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यदि कोई भी व्यक्ति वन संपदा को नुकसान पहुंचाता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है।
उधर, डीएफओ कुल्लू एंजल चौहान ने कहा कि फायर सीजन को देखते हुए वन कर्मियों को असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अरण्यपाल अनिल जोशी ने कहा कि वन संपदा को आग से बचाने के लिए हर एक बन बीट में टीम तैयार की गई है। दो माह तक जिले के करीब 250 वन कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
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कुल्लू। जिला कुल्लू में वन विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां दो माह के लिए रद्द कर दी गई हैं। कर्मचारी आपात स्थिति में ही छुट्टी ले सकेंगे। सर्दी के दिनों में जिले में फायर सीजन शुरू हो जाता है। जंगलों, वन्य जीवों और वनस्पति को आग से बचाने के लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
इसके लिए विभाग ने हर वन बीट में छह सदस्यों की टीमों का गठन किया है। इसमें वनरक्षक के साथ स्थानीय बीट के पांच स्वयंसेवी शामिल किए गए हैं। छह सदस्यों की टीम जंगलों को आग के हवाले करने वालों पर नजर रखेगी।
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बता दें कि नवंबर से जिले में फायर सीजन शुरू हो जाता है। कुछ क्षेत्रों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। ऐसे में वन संपदा को आग से बचाने के लिए विभाग ने वन मंडल स्तर पर सभी कर्मचारियों की छुट्टियां 31 दिसंबर तक रद्द कर दी हैं। जिले के करीब 250 अधिकारियों और कर्मचारियों को मुस्तैद रहना होगा।
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इस बार वन विभाग युवक और महिला मंडलों समेत समाजसेवी संस्थाओं का भी मदद ले रहा है। विभाग ने घासनियों और जंगलों में आग लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यदि कोई भी व्यक्ति वन संपदा को नुकसान पहुंचाता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है।
उधर, डीएफओ कुल्लू एंजल चौहान ने कहा कि फायर सीजन को देखते हुए वन कर्मियों को असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अरण्यपाल अनिल जोशी ने कहा कि वन संपदा को आग से बचाने के लिए हर एक बन बीट में टीम तैयार की गई है। दो माह तक जिले के करीब 250 वन कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।