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Kullu News: पहले पूजा-अर्चना, फिर जूब देकर लिया आशीर्वाद
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जिले में सायर पर्व पर मेलों का भी हुआ आगाज
तांदला और सौर गांव में मेलों में जुटे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में लोगों ने सायर पर्व पर पहले पूजा-अर्चना की। उसके बाद बड़ों को जूब देकर आशीर्वाद लेने का सिलसिला शुरू हुआ। लोगों ने अपने ईष्ट देवी-देवताओं की भी पूजा की। भगवान रघुनाथ के रघुनाथपुर मंदिर में सायर संक्राति पर परंपराओं का निर्वहन भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह की अगुवाई में किया गया।
घाटी में सायर संक्रांति से मेलों का भी आगाज हो गया है। अब एक सप्ताह तक मेले चलेंगे। खराहल घाटी के गांव तांदला में देवता शुक्ली नाग के सम्मान में सोयरी मेले का आगाज हुआ। मेले में काफी अधिक संख्या में श्रद्धालु उमड़े। इसके साथ सौर गांव में मेले की धूम मची हुई है। अन्य गांवों में भी सोयरी मेले शुरू हो गए हैं। सायर पर्व को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने एक दिन पूर्व ही तैयारियां कर ली थीं। घाटीवासी लोत राम ठाकुर, डाबे राम, ओम प्रकाश और सेस राम ने कहा कि सोमवार सुबह सबसे पहले ईष्ट देवी-देवताओं को जूब दी गई। इसके बाद घरों में जूब देकर अपने से बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। सायर और मकर संक्रांति पर घर-घर में जूब देने की परंपरा है।
घर में मेहमानों के लिए पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष एवं माता दशमी वारदा के कारदार दोत राम ठाकुर ने कहा कि देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के साथ सायर पर्व की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने देवताओं के समक्ष शीश नवाकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। संवाद
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तांदला और सौर गांव में मेलों में जुटे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में लोगों ने सायर पर्व पर पहले पूजा-अर्चना की। उसके बाद बड़ों को जूब देकर आशीर्वाद लेने का सिलसिला शुरू हुआ। लोगों ने अपने ईष्ट देवी-देवताओं की भी पूजा की। भगवान रघुनाथ के रघुनाथपुर मंदिर में सायर संक्राति पर परंपराओं का निर्वहन भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह की अगुवाई में किया गया।
घाटी में सायर संक्रांति से मेलों का भी आगाज हो गया है। अब एक सप्ताह तक मेले चलेंगे। खराहल घाटी के गांव तांदला में देवता शुक्ली नाग के सम्मान में सोयरी मेले का आगाज हुआ। मेले में काफी अधिक संख्या में श्रद्धालु उमड़े। इसके साथ सौर गांव में मेले की धूम मची हुई है। अन्य गांवों में भी सोयरी मेले शुरू हो गए हैं। सायर पर्व को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने एक दिन पूर्व ही तैयारियां कर ली थीं। घाटीवासी लोत राम ठाकुर, डाबे राम, ओम प्रकाश और सेस राम ने कहा कि सोमवार सुबह सबसे पहले ईष्ट देवी-देवताओं को जूब दी गई। इसके बाद घरों में जूब देकर अपने से बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। सायर और मकर संक्रांति पर घर-घर में जूब देने की परंपरा है।
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घर में मेहमानों के लिए पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष एवं माता दशमी वारदा के कारदार दोत राम ठाकुर ने कहा कि देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के साथ सायर पर्व की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने देवताओं के समक्ष शीश नवाकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। संवाद
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