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Kullu News: बाढ़ के डर ने उड़ाई नींद... जागती आंखों से आंसू बन छलक रहे सपने
Sun, 29 Jun 2025 10:14 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 29 Jun 2025 10:14 PM IST
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तीन साल से लगातार बाढ़ का दर्द झेल रहा सैंज घाटी का सिउंड बिहाली गांव
हर बार तबाही लाई बाढ़, इस साल फिर बह गए रास्ते, पुल और सड़कें भी टूटीं
बाढ़ के डर से रातें जागकर काट रहे लोग, बोले- मलबे से भरे हैं खेत और घर
राजीव नैय्यर
कुल्लू/सैंज। सिउंड (शरण) बिहाली गांव के लोगों को बाढ़ लगातार तीन साल से दर्द दे रही है। हर बार बाढ़ आती है और आशियानों के साथ पुलों, रास्तों और सड़कों को बहा ले जाती है। मौसम की मार से इस बार फिर लोगों के जख्म हरे हो गए हैं। घाटी के लोग सहम गए हैं।
हल्की सी बारिश होने पर भी बाढ़ के डर से रातें जाग-जागकर काट रहे हैं।हर पल यही भय सता रहा है कि न जाने फिर कब बाढ़ आ जाए। प्रकृति ने इस बार ग्रामीणों को ऐसा दर्द दिया है, जिसे से उम्र भर नहीं भूल पाएंगे। बाढ़ गांव के तीन लोगों को बहा ले गई। इनमें एक किशोरी का शव बरामद हो गया है, जबकि दो अन्य अभी भी लापता हैं। चार घर, रास्ता और पुलिया बह गए हैं। ग्रामीणों का संपर्क टूट गया है। घर और खेत मलबे से भरे हैं। न रास्ता बचा है और न पुल। घरों और खेतों में मलबा ही मलबा है। ग्रामीण हादसे के पांचवें दिन भी ग्रामीण मलबे को हटाने में जुटे रहे। ग्रामीणों की आंखों से छलकते आंसू उनके टूटे हुए सपनों और डर की दास्तां को बयां कर रहे हैं। ग्रामीण प्रशासन से अब सिर्फ उन्हें विस्थापित कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग कर रहे हैं।
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दस मिनट के सफर को लग रहे दो घंटे, राशन की भी दिक्कत
पिन पार्वती नदी में पुल न होने से पंचायत देहुरीधार के छह गांवों करियाला, निरी, नडाहरा, सिउंड बिहाली, रियाड़ा और थली आगे का संपर्क कट गया है। पांच से दस मिनट का सफर ग्रामीण डेढ़ से दो घंटे में कर रहे हैं। राशन की दिक्कत भी आने लगी है।
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पांच दिन से स्कूल-कॉलेज नहीं गए विद्यार्थी
सबसे अधिक परेशानी स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी झेल रहे हैं। पिछले पांच दिन से 25 से अधिक विद्यार्थी शिक्षण संस्थानों में नहीं जा पाए हैं। तहसीलदार नरेंद्र शर्मा ने कहा कि स्थिति का मौके पर जाकर संयुक्त निरीक्षण किया गया है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए फौरी तौर पर झूला लगाने की व्यवस्था की जाएगी।
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हल्की बारिश होने पर भी डर सताने लगता है कि कहीं पिन पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ न जाए। नदी का रुख गांव की ओर है। बाढ़ आने पर मलबा-पानी से घरों में घुस जाता है। ग्रामीणों की रातें डर के साये में कट रही हैं। -कृष्णा नेगी
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साल 2023 से पिन पार्वती नदी में बाढ़ आ रही है। इस साल बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है। पुल साल 2023 में ही बह गया था। पंचायत और ग्रामीणों ने पुलिया बनाई थी। यह भी बह गई है। आवाजाही में परेशानियां आ रहीं हैं। -दर्शना
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गांव को जोड़ने वाली पुलिया और रास्ता बाढ़ में बह गया है। रास्ता न होने की वजह से पिछले पांच दिनों से स्कूल नहीं जा पाए हैं। पढ़ाई करना तो दूर अपने सहपाठियों से मिलना दूभर हो गया है। -विवेक
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प्राथमिक विद्यालय जीवा दूर है। स्कूल तक पहुंचने के लिए अब चढ़ाई वाले दूसरे रास्ते से जाना पड़ेगा। माता-पिता कह रहे हैं कि रास्ता जोखिम भरा है। ऐसे में अकेले स्कूल भेजना उचित नहीं है। -अर्चना
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हर बार तबाही लाई बाढ़, इस साल फिर बह गए रास्ते, पुल और सड़कें भी टूटीं
बाढ़ के डर से रातें जागकर काट रहे लोग, बोले- मलबे से भरे हैं खेत और घर
राजीव नैय्यर
कुल्लू/सैंज। सिउंड (शरण) बिहाली गांव के लोगों को बाढ़ लगातार तीन साल से दर्द दे रही है। हर बार बाढ़ आती है और आशियानों के साथ पुलों, रास्तों और सड़कों को बहा ले जाती है। मौसम की मार से इस बार फिर लोगों के जख्म हरे हो गए हैं। घाटी के लोग सहम गए हैं।
हल्की सी बारिश होने पर भी बाढ़ के डर से रातें जाग-जागकर काट रहे हैं।हर पल यही भय सता रहा है कि न जाने फिर कब बाढ़ आ जाए। प्रकृति ने इस बार ग्रामीणों को ऐसा दर्द दिया है, जिसे से उम्र भर नहीं भूल पाएंगे। बाढ़ गांव के तीन लोगों को बहा ले गई। इनमें एक किशोरी का शव बरामद हो गया है, जबकि दो अन्य अभी भी लापता हैं। चार घर, रास्ता और पुलिया बह गए हैं। ग्रामीणों का संपर्क टूट गया है। घर और खेत मलबे से भरे हैं। न रास्ता बचा है और न पुल। घरों और खेतों में मलबा ही मलबा है। ग्रामीण हादसे के पांचवें दिन भी ग्रामीण मलबे को हटाने में जुटे रहे। ग्रामीणों की आंखों से छलकते आंसू उनके टूटे हुए सपनों और डर की दास्तां को बयां कर रहे हैं। ग्रामीण प्रशासन से अब सिर्फ उन्हें विस्थापित कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग कर रहे हैं।
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दस मिनट के सफर को लग रहे दो घंटे, राशन की भी दिक्कत
पिन पार्वती नदी में पुल न होने से पंचायत देहुरीधार के छह गांवों करियाला, निरी, नडाहरा, सिउंड बिहाली, रियाड़ा और थली आगे का संपर्क कट गया है। पांच से दस मिनट का सफर ग्रामीण डेढ़ से दो घंटे में कर रहे हैं। राशन की दिक्कत भी आने लगी है।
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पांच दिन से स्कूल-कॉलेज नहीं गए विद्यार्थी
सबसे अधिक परेशानी स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी झेल रहे हैं। पिछले पांच दिन से 25 से अधिक विद्यार्थी शिक्षण संस्थानों में नहीं जा पाए हैं। तहसीलदार नरेंद्र शर्मा ने कहा कि स्थिति का मौके पर जाकर संयुक्त निरीक्षण किया गया है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए फौरी तौर पर झूला लगाने की व्यवस्था की जाएगी।
हल्की बारिश होने पर भी डर सताने लगता है कि कहीं पिन पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ न जाए। नदी का रुख गांव की ओर है। बाढ़ आने पर मलबा-पानी से घरों में घुस जाता है। ग्रामीणों की रातें डर के साये में कट रही हैं। -कृष्णा नेगी
साल 2023 से पिन पार्वती नदी में बाढ़ आ रही है। इस साल बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है। पुल साल 2023 में ही बह गया था। पंचायत और ग्रामीणों ने पुलिया बनाई थी। यह भी बह गई है। आवाजाही में परेशानियां आ रहीं हैं। -दर्शना
गांव को जोड़ने वाली पुलिया और रास्ता बाढ़ में बह गया है। रास्ता न होने की वजह से पिछले पांच दिनों से स्कूल नहीं जा पाए हैं। पढ़ाई करना तो दूर अपने सहपाठियों से मिलना दूभर हो गया है। -विवेक
प्राथमिक विद्यालय जीवा दूर है। स्कूल तक पहुंचने के लिए अब चढ़ाई वाले दूसरे रास्ते से जाना पड़ेगा। माता-पिता कह रहे हैं कि रास्ता जोखिम भरा है। ऐसे में अकेले स्कूल भेजना उचित नहीं है। -अर्चना