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Kullu News: बेदखली के खिलाफ किसानों का धरना-प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
Wed, 12 Feb 2025 05:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 12 Feb 2025 05:29 AM IST
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किसान सभा की मांग, लघु किसानों और भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध करवाए सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। सरकार लघु किसानों और भूमिहीनों को दो बिस्वा से पांच बीघा तक भूमि उपलब्ध करवाए। इसके लिए हिमाचल किसान सभा ने सैंज के तहसीलदार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा है। वहीं, सरकार की बेदखली नीति के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसान सभा के बंजार खंड अध्यक्ष शेर सिंह नेगी ने कहा कि सरकार प्रदेश में किसानों की भूमि से बेदखली कर रही है। इस नीति को सरकार तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।
विधानसभा में सरकार ऐसी नीति बनाए, जिससे लघु एवंं भूमिहीन किसानों को पांच बीघा तक भूमि प्रदान करें। इससे गरीब किसान खेती करके अपने परिवार का पालन पोषण कर सकेंगे। सभा के राज्य उपाध्यक्ष नारायण चौहान ने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 को सशोधित करने की जरूरत है, जिससे किसानों को फायदा मिलेगा। सचिव मोती राम कटबाल ने कहा सभी गरीबों, भूमिहीनों और किसानों को अपने हकों को लेकर लामबंद होना होगा और हकों के लिए संघर्षों की राह अख्तियार करनी पड़ेगी। कहा कि आगामी मार्च माह में किसान हजारों की संख्या में राजधानी शिमला कूच करेंगे और विधानसभा का घेराव कर अपने पक्ष में नीति बनाने की मांग करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। सरकार लघु किसानों और भूमिहीनों को दो बिस्वा से पांच बीघा तक भूमि उपलब्ध करवाए। इसके लिए हिमाचल किसान सभा ने सैंज के तहसीलदार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा है। वहीं, सरकार की बेदखली नीति के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसान सभा के बंजार खंड अध्यक्ष शेर सिंह नेगी ने कहा कि सरकार प्रदेश में किसानों की भूमि से बेदखली कर रही है। इस नीति को सरकार तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।
विधानसभा में सरकार ऐसी नीति बनाए, जिससे लघु एवंं भूमिहीन किसानों को पांच बीघा तक भूमि प्रदान करें। इससे गरीब किसान खेती करके अपने परिवार का पालन पोषण कर सकेंगे। सभा के राज्य उपाध्यक्ष नारायण चौहान ने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 को सशोधित करने की जरूरत है, जिससे किसानों को फायदा मिलेगा। सचिव मोती राम कटबाल ने कहा सभी गरीबों, भूमिहीनों और किसानों को अपने हकों को लेकर लामबंद होना होगा और हकों के लिए संघर्षों की राह अख्तियार करनी पड़ेगी। कहा कि आगामी मार्च माह में किसान हजारों की संख्या में राजधानी शिमला कूच करेंगे और विधानसभा का घेराव कर अपने पक्ष में नीति बनाने की मांग करेंगे।
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