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Kullu News: डॉक्टर भानू को बेहतर सेवा के लिए राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
Fri, 12 Sep 2025 10:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 12 Sep 2025 10:55 PM IST
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कुल्लू। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के राशेल गांव के डॉक्टर बाईकिंग भानू को जनजातीय क्षेत्रों में बेहतर सेवाओं के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया। उन्हें यह सम्मान शुक्रवार को दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में दिया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से देश भर से जनजातीय क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को आमंत्रित किया गया था।
हिमाचल से डॉक्टर बाईकिंग भानू को राष्ट्रपति ने जनजातीय क्षेत्रों की नीतियों और कार्यक्रमों के निर्धारण और कार्यान्वयन के लिए सुझाव देने के लिए बुलाया था। जिले के राशेल गांव में जन्में डाॅ. भानू ने 18 मई 2004 को विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की। माउंट एवरेस्ट पर पर विजय पाने वाले वह विश्व के पहले डॉक्टर बने। उन्हें माउंट एवरेस्ट पर विजय पाने के लिए राष्ट्रपति द्वारा नौ सेना शौर्य पुरस्कार से सम्मानित किया। बतौर सर्जन कमांडर के पद पर कार्य करते हुए उन्होंने 12 दिसंबर 2015 को स्वैच्छिक सेवानिवृति ली है। उनका लक्ष्य राज्य के ग्रामीण, दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में सस्ती चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से देश भर से जनजातीय क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को आमंत्रित किया गया था।
हिमाचल से डॉक्टर बाईकिंग भानू को राष्ट्रपति ने जनजातीय क्षेत्रों की नीतियों और कार्यक्रमों के निर्धारण और कार्यान्वयन के लिए सुझाव देने के लिए बुलाया था। जिले के राशेल गांव में जन्में डाॅ. भानू ने 18 मई 2004 को विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की। माउंट एवरेस्ट पर पर विजय पाने वाले वह विश्व के पहले डॉक्टर बने। उन्हें माउंट एवरेस्ट पर विजय पाने के लिए राष्ट्रपति द्वारा नौ सेना शौर्य पुरस्कार से सम्मानित किया। बतौर सर्जन कमांडर के पद पर कार्य करते हुए उन्होंने 12 दिसंबर 2015 को स्वैच्छिक सेवानिवृति ली है। उनका लक्ष्य राज्य के ग्रामीण, दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में सस्ती चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है।
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