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सैंज में प्रोजेक्ट के खलल से देवता हैं नाराज
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नहीं चाहते प्रोजेक्ट का काम, शांति है बहुत प्रिय
पहले भी देव स्थलों के साथ छेड़छाड़ पर दे चुके हैं चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। घाटी के कारदारों का कहना है कि उपमंडल बंजार की सैंज में प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य से घाटी के सभी देवता नाराज हैं। देवता अपने क्षेत्र में प्रोजेक्ट का कार्य नहीं चाहते हैं। देवताओं को शांति बहुत पसंद है। कारदारों का कहना है कि देव स्थानों के साथ छेड़छाड़ पर भी देवता कई बार हारियानों को चेतावनी दे चुके हैं। अब खास बात यह है कि जितने प्राचीन मंदिर और देवरथ जले हैं, वे सभी परियोजना और पार्क प्रभावित क्षेत्र में थे। ब्रह्म देवता के कारदार भीमी राम ठाकुर, पुंडरिक के कारदार लोतम राम और लक्ष्मी नारायण देवता के कारदार जगर नाथ ने कहा कि देवताओं के पास होने वाली देवलियों में भी देवता कई बार देव स्थलों से छेड़छाड़ न करने की हिदायत दे चुके हैं। उन्होंने कहा देव समाज कभी भी परियोजनाओं के पक्ष में नहीं रहा है। यही कारण है कि कुल्लू जिला के देवता जगती में महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को नकार चुके हैं। अंतत: सरकार को भी देवताओं के फैसले के सामने झुकना पड़ा था। कारदार सुधा शर्मा ने बताया कि देवता शांति चाहते हैं। परियोजनाओं के निर्माण और बाहरी लोगों के दखल पर देवता नाराजगी व्यक्त करते हैं। बहरहाल, घाटी में देवता की अमूल्य धरोहर के नष्ट होने से कुल्लू जिले का पूरा देव समाज आहत है।
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पहले भी देव स्थलों के साथ छेड़छाड़ पर दे चुके हैं चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। घाटी के कारदारों का कहना है कि उपमंडल बंजार की सैंज में प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य से घाटी के सभी देवता नाराज हैं। देवता अपने क्षेत्र में प्रोजेक्ट का कार्य नहीं चाहते हैं। देवताओं को शांति बहुत पसंद है। कारदारों का कहना है कि देव स्थानों के साथ छेड़छाड़ पर भी देवता कई बार हारियानों को चेतावनी दे चुके हैं। अब खास बात यह है कि जितने प्राचीन मंदिर और देवरथ जले हैं, वे सभी परियोजना और पार्क प्रभावित क्षेत्र में थे। ब्रह्म देवता के कारदार भीमी राम ठाकुर, पुंडरिक के कारदार लोतम राम और लक्ष्मी नारायण देवता के कारदार जगर नाथ ने कहा कि देवताओं के पास होने वाली देवलियों में भी देवता कई बार देव स्थलों से छेड़छाड़ न करने की हिदायत दे चुके हैं। उन्होंने कहा देव समाज कभी भी परियोजनाओं के पक्ष में नहीं रहा है। यही कारण है कि कुल्लू जिला के देवता जगती में महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को नकार चुके हैं। अंतत: सरकार को भी देवताओं के फैसले के सामने झुकना पड़ा था। कारदार सुधा शर्मा ने बताया कि देवता शांति चाहते हैं। परियोजनाओं के निर्माण और बाहरी लोगों के दखल पर देवता नाराजगी व्यक्त करते हैं। बहरहाल, घाटी में देवता की अमूल्य धरोहर के नष्ट होने से कुल्लू जिले का पूरा देव समाज आहत है।